एक तरफ उत्तर प्रदेश में चुनावी तारीखों का ऐलान हों गया है तो दूसरी तरफ योगी सरकार के एक और मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी योगी आदित्यनाथ का साथ छोड़ दिया है। दारा सिंह चौहान उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री थे। इससे एक दिन पहले कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी योगी सरकार का साथ छोड़ दिया था। उनके साथ तीन विधायक भी भाजपा से अलग हो गए। कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान मौनी बधुबन सीट से विधायक हैं।
चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका :
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में इस बार सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं, चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में मंत्री दारा सिंह चौहान ने इस्तीफ़े के बाद लिखा कि, राज्य सरकार ने पिछड़े, वंचितों, दलितों, किसानों और बेरोजगार युवाओं की घोर उपेक्षा की है. उन्होंने कहा कि, पिछड़ों और दलितों के आरक्षण के साथ खेल खेला जा रहा है. दारा सिंह ने आगे कहा कि वह सरकार के रवैये से हताश होकर इस्तीफा दे रहे हैं.
BJP formed govt with the support of Dalits, backward communities...but didn't serve them well, which is why I resigned... Next step would be to hold discussions with my society people and then take a call for future course of action: BJP leader Dara Singh Chauhan on resignation pic.twitter.com/t9Ma3vSHpM
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) January 12, 2022
बड़े भाई, फैसले पर पुनर्विचार करें : यूपी के डिप्टी सीएम मौर्य
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, अगर परिवार का कोई सदस्य भटक जाता है तो यह दुख की बात है. मैं प्रस्थान करने वाले गणमान्य व्यक्तियों से एक ही अनुरोध करना चाहूंगा कि डूबती नाव पर सवार होने से उन्हें नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि, बड़े भाई दारा सिंह आप अपने फैसले पर पुनर्विचार करें.
परिवार का कोई सदस्य भटक जाये तो दुख होता है जाने वाले आदरणीय महानुभावों को मैं बस यही आग्रह करूँगा कि डूबती हुई नांव पर सवार होनें से नुकसान उनका ही होगा
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) January 12, 2022
बड़े भाई श्री दारा सिंह जी आप अपने फैसले पर पुनर्विचार करिये