लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. इतना ही नहीं गांधी परिवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का गढ़ माने जाने वाले रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक फेरबदल हुआ है. रायबरेली सीट से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह बीजेपी में शामिल हो गई हैं.
जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर अन्य दलों के नेता भाजपा परिवार में शामिल हो रहे हैं।
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) November 24, 2021
प्रदेश अध्यक्ष श्री @swatantrabjp ने रायबरेली से कांग्रेस विधायक श्रीमती @AditiSinghRBL व आजमगढ़ से बसपा विधायक श्रीमती वंदना सिंह को प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। pic.twitter.com/cKr6Eg2Onq
पिछले कुछ समय से अदिति सिंह की बीजेपी से नजदीकियां बढ़ती जा रही थी. आज अदिति सिंह ने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता स्वीकार कर ली है. अदिति सिंह के अलावा आजमगढ़ की सगड़ी सीट से बसपा विधायक वंदना सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गई हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में दोनों महिला नेता आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गईं.
2017 में अदिति सिंह रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार विधायक चुनी गईं थी. अदिति सिंह को क्षेत्र के 'बाहुबली' के नाम से मशहूर अखिलेश सिंह की बेट के तौर पर भी जाना जाता है. पांच बार से विधायक रहे अखिलेश सिंह का कुछ महीने पहले निधन हो गया था. अपने पिता की मृत्यु के बाद, यह देखा गया कि अदिति सिंह की भाजपा के साथ घनिष्ठता बढ़ गई थी.
कांग्रेस ने पहले विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर अदिति सिंह की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. गौरतलब है कि रायबरेली कांग्रेस के लिए सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है. बीजेपी अभी तक यह सीट नहीं जीत पाई है. बीजेपी को इस सीट पर अदिति सिंह के रूप में बड़ा चेहरा मिल गया है.
कुछ दिन पहले अदिति सिंह ने कृषि कानूनों की बात करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा था. अदिति ने कहा था कि, कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद भी प्रियंका गांधी को दिक्कत है. आख़िर वे चाहती क्या हैं ? उन्हें इसे स्पष्ट करने की जरूरत है. अदिति सिंह ने मुद्दे न होने के लिए प्रियंका गांधी की आलोचना करते हुए कहा था कि वह इस मामले में केवल राजनीति कर रही हैं.