सीएम शिवराज ने आज क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ बैठक की। इस दौरान सीएम ने कहा कि- अमेरिका, यूके और डेनमार्क में ओमिक्रोन वैरिएंट की स्थितियां सामने हैं, जो बताती हैं कि ये तेजी से बढ़ता है। इसे देखते हुए हमें तैयारी रखना है। आज मप्र के 8 जिलों में कोरोना केस आए हैं। यह मामले अब ज्यादा जिलों में बढ़ेंगे। हमें प्राथमिकता के आधार पर रोक-थाम के उपाय करने होंगे।

सीएम चौहान ने कहा, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप में कोई उपयोगी लगे जैसे डॉक्टर, समाजसेवी तो उसे आप जोड़ सकते हैं। रोको-टोको अभियान तुरंत शुरू करें, मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना भी करें। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी जागरूकता के प्रयास शुरू करें।  

उन्होंने कहा, कोरोना की रोकथाम के लिए हमें जांच की संख्या बढ़ाना है। पीड़ित व्यक्ति के कम से कम 30 कांटेक्ट ट्रेसिंग अवश्य करना है। अस्पताल, दवाई, उपकरण, ऑक्सीजन की लाइन सहित सभी व्यवस्थाएं एक बार अवश्य जांच लें और दुरुस्त रखें।

सीएम ने कहा, अस्पतालों के अलावा बिजली की व्यवस्था भी सुनिश्चित रखें। बिजली की कोई समस्या नहीं है प्रदेश में, लेकिन एक बार इसके लिए भी पुख्ता इंतजाम कर लें। दवाओं और उपकरण आदि का कम से कम एक महीने का स्टॉक तो अवश्य रखें।

उन्होंने कहा, समस्त सरकारी एवं निजी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखें। बेड, ऑक्सीजन, चिकित्सक एवं दवाओं का पर्याप्त इंतजाम हो, यह सुनिश्चित करें। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जितने निजी कोविड सेंटर बनाये गये थे, उनकी भी व्यवस्थाएं सुचारु कर दी जायें।

सीएम शिवराज ने कहा,  आर्थिक गतिविधियां न रुकें और गरीब का काम धंधा भी प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करते हुए हमें तीसरी लहर का जनता के सहयोग से मुकाबला करना है।