भोपाल. अखिल भारतीय वन सेवा कैडर रिव्यू प्रस्ताव पर कैबिनेट सचिव कार्मिक भारत सरकार ने आपत्ति दर्ज कराई है. कैबिनेट सचिव की आपत्ति से तीन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक का प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत होने पर संशय की स्थिति निर्मित हो गई है. खासतौर से ग्रीन इंडिया मिशन शाखा के प्रमुख और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के रमन 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इससे पहले उनका पीसीसीएफ बनना मुश्किल सा लग रहा है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैबिनेट सचिव कार्मिक ने अखिल भारतीय वन सेवा के कैडर रिव्यू में प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के 3 पद बढ़ाने पर आपत्ति दर्ज की है. कैबिनेट सचिव ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से सवाल किया है कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक के 3 पद बढ़ाए जाने के बाद कैडर में स्वीकृत पद का कितना प्रतिशत है. अखिल भारतीय वन सेवा के कैडर में 296 पद है और इसके हिसाब से 2% पद ही पीसीसीएफ के बढ़ सकते हैं. वर्तमान में पीसीसीएफ के 4 पद के विरुद्ध 10 से अधिक आईएफएस अफसर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर कार्यरत है. यानी प्रधान मुख्य वन संरक्षक के तीन और पद बढ़ाए जाने पर कैबिनेट सचिव ने सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि  आईएएस और आईपीएस कैडर में शीर्ष पदों पर स्वीकृति प्रतिशत के आधार पर किए जाने के नियम है.

पीसीसीएफ के 3 पद बढ़ाने पर खांडेकर ने सेवानिवृत्ति के दिन लगाई थी मुहर 

जंगल महकमे में  3 पद बढ़ाने और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एपीसीसीएफ के 9 पद घटाने के लिए हरी झंडी दे दी है. भारत सरकार में सचिव कार्मिक रहे दीपक खांडेकर ने सेवानिवृत्ति के आखिरी दिन आईएफएस कैडर की प्रस्तावित पदों पर अपनी सहमति दे दी थी. पीसीसीएफ के 3 नए पद की मंजूरी मिलने के बाद 1988 बैच के आईएफएस के रमन ग्रीन इंडिया मिशन, असीम श्रीवास्तव वन्य प्राणी शाखा, चितरंजन त्यागी विकास शाखा, डॉ अतुल श्रीवास्तव लघु वनोपज संघ, आरके यादव प्रशासन-एक  और इसी बैच के बस नियुक्ति पटेल में पदस्थ अमिताभ अग्निहोत्री प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट हो जाएंगे. 

 पद                           वर्तमान   नई
हॉफ (वन बल प्रमुख )   01        --
पीसीसीएफ                  25       18 
सीसीएफ                     51       34
सीएफ                        40        30
डीएफओ                    59         90