जाहिर है जो मार्केट की जरूरत को समझते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए आने वाले दिनों में साइबर सिक्योरिटी में सुनहरा मौका है। आइए जानें खुद को इसके एक्सपर्ट के रूप में कैसे तैयार करें....
ऑनलाइन फ्रॉड के पहरेदार:
एमटेक, एमएस रिसर्च साइबर स्पेस में बीटीएमटी डिग्री शामिल है।
23 साल की उम्र में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बनने वाले Xyz आज साइबर की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं। अब तक वह देश की कई सुरक्षा एजेंसियों के लिए ट्रेनिंग सेशन कर चुके हैं। बचपन से ही उन्हें कंप्यूटर में रुचि थी। पढ़ाई में उनका बिल्कुल मन नहीं लगता था, इसलिए आठवीं में ही उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी।
स्कूल छोड़ने के बाद वह कंप्यूटर की बारीकियों को सीखने लगे। आगे चलकर एक वक्त ऐसा आया कि इसी रुचि से उनकी पूरी जिंदगी बदल गई। आज वह अपनी एक साइबर सिक्युरिटी कंपनी चलाते हैं।
साइबर सिक्योरिटी में नाम और पहचान बनाने वाले त्रिशांश की तरह आज तमाम भारतीय युवा हैं। अगर आप भी ऑनलाइन गतिविधियों में रुचि रखते हैं, तो इस ग्रोइंग फील्ड में चमकदार करियर बना सकते हैं।
पिछले कुछ वर्षों से साइबर एक्सपर्ट की मांग हर क्षेत्र में काफी बढ़ गई है। खासतौर से कोरोना काल में जिंदगी बहुत हद तक ऑनलाइन हो चुकी हैं। हम और आप अपना अधिकतर काम अब इंटरनेट, ऑनलाइन और ई कॉमर्स के जरिए ही कर रहे हैं।
लेकिन जैसे-जैसे ऑनलाइन गतिविधियां बढ़ी हैं, इसके खतरे भी बढ़ गए हैं। इस कारण साइबर अटैक, हैकिंग और रैनसमवेयर के जरिए फ्रॉड और फिरौती वसूलने जैसी घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है।
डिमांडिंग करियर विकल्प साइबर पूरा फील्ड कंज्यूमर और बिजनेस के रूप में कुल दो पार्ट में बंटा है। कंज्यूमर के अंतर्गत वे सभी लोग आते हैं, जो अपनी जरूरतों के लिए ऑनलाइन सुविधाओं की मदद ले रहे हैं। बिजनेस पार्ट के तहत कंपनियों के डेटा की सुरक्षा से जुड़े कामकाज देखे जाते हैं।
अगर करियर के लिहाज से देखें तो बिजनेस के क्षेत्र में अभी साइबर सिक्योरिटी की संभावना सबसे अधिक है। यहां डिमांड और सप्लाई में बहुत अंतर है। फिलहाल कंपनियों के अंदर अभी तकनीकी और सेल्स के तहत दो तरह के जॉब विकल्प उपलब्ध हैं-
जैसे:
रीसेल टेक्निकल मैनेजर/एग्जीक्यूटिव साइबर सिक्योरिटी फील्ड में यह सेल्स से जुड़ा पद है। इस प्रोफाइल की आवश्यकता उन कंपनियों में हैं, जो साइबर सिक्योरिटी बिजनेस में हैं या इससे संबंधित कोई प्रोडक्ट बेचते हैं।
ऐसी कंपनियां अपने प्रोडक्ट के बारे में डिस्ट्रीब्यूटर्स, चैनल पार्टनर्स या कस्टमर्स को समझाने के लिए इन प्रोफाइल्स की मदद लेती हैं, जो साइबर सिक्योरिटी की समझ रखते हैं और प्रोडक्ट के एक-एक पार्ट की बारीकियों को समझाने में भी काफी कुशल होते हैं।
इस फील्ड में सिर्फ बीटेक करके भी आप आ सकते हैं। अगर कंप्यूटर क्षेत्र की पृष्ठभूमि रही है, तब भी इस फील्ड में एंट्री पा सकते हैं। इस पद का शुरुआती पैकेज 10 लाख रुपये तक है।
सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर डेवलपर यह साइबर सिक्योरिटी का तकनीकी जॉब है। ऐसे प्रोफेशनल डेवलपर के साथ मिलकर काम करते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि डेवलपर द्वारा बनाई गई संबंधित वेबसाइट पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। इस फील्ड में आने के लिए एप्लिकेशन डेवलपमेंट की जानकारी के साथ-साथ साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट की ट्रेनिंग कोर्स करना जरूरी है।
एथिकल हैकिंग का कोर्स करके भी इस प्रोफाइल की जॉब पा सकते हैं। साथ ही, शैक्षिक पृष्ठभूमि भी बीटेक, बीई या एमबीए होनी चाहिए। कंपनियों में इन प्रोफेशनल्स को 20 से 25 लाख रुपये सालाना तक के पैकेज ऑफर हो रहे हैं।
नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर/सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर: इस प्रोफाइल के लोग रोजमर्रा की नेटवर्किंग की जितनी भी गतिविधियां होती हैं, उसे मॉनिटर करते हैं, उसे मैनेज करते हैं। कंपनियों में नेटवर्किंग से संबंधित सारा काम यही लोग देखते हैं।
ऐसे प्रोफेशनल को शुरुआत में 30 से 35 हजार रुपये मासिक तक सैलरी ऑफर हो रही है। सीसीएनए, सीसीएनपी, सीसीएनएच जैसे नेटवर्किंग कोर्स करके आप इस फील्ड में आ सकते हैं।
इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एनालिस्ट: अगर एक डेवलपर के रूप में आप खुद को फिट नहीं पा रहे हैं, तो आपके लिए यह एक उपयुक्त जॉब हो सकता है। ऐसे प्रोफेशनल्स जो भी नेटवर्क आर्किटेक्चर बना हुआ है, उसकी एनालिसिस करके उसे फुल प्रूफ बनाने का काम करते हैं। यह भी इन दिनों काफी डिमांडिंग जॉब है। कंपनियों में इस प्रोफाइल के तमाम पद अक्सर खाली ही रहते हैं, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त प्रशिक्षित लोग इस समय मार्केट में नहीं हैं।
पेनिट्रेशन टेस्टिंग यह भी इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी से ही मिलता-जुलता प्रोफाइल है। ऐसे प्रोफेशनल कंपनियों के नेटवर्क आर्किटेक्चर में तरह-तरह की तरकीब लगाकर उसकी सिक्योरिटी को भेदने की कोशिश करते हैं। इसके लिए उनके पास इस फील्ड की जितनी भी नॉलेज होती है, उसका इस्तेमाल वे सिस्टम को पेनिट्रेट करने में लगाते हैं। साथ ही यह भी पता करते हैं कि सिस्टम में अटैक होने की आशंका कहां-कहां है।
सिक्योरिटी आर्किटेक्ट: साइबर सिक्योरिटी में यह हाई लेवल का जॉब माना जाता है। ये प्रोफेशनल नेटवर्क आर्किटेक्चर तैयार करने से लेकर उसके फंक्शन और कंट्रोल से जुड़ी सारी जानकारियां रखते हैं।
खासतौर से उन कंपनियों में इनकी सबसे अधिक आवश्यकता देखी जाती है, जो नए सिरे से अपने सिक्योरिटी सिस्टम को डिजाइन कराना चाहते हैं। कंपनियों में ऐसे प्रोफेशनल्स की मंथली सैलरी डेढ़ से दो लाख रुपये तक होती है।
जॉब्स के मौके: साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की इन दिनों सबसे ज्यादा मांग आइटी कंपनियों खासतौर से आईटी सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन सेवा देने वाली कंपनियों, आईटी फर्म्स, आईटी से जुड़े स्टार्टअप, बैंक, फाइनेंस कंपनी, टेलीकॉम कंपनी, ई-कॉमर्स कंपनी तथा जांच एजेंसीज सहित पेटीएम, गूगलपे जैसी डिजिटल पेमेंट कंपनियों आदि में देखी जा रही है। इस फील्ड में अपना स्टार्टअप शुरू करके भी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है।
कोर्स एवं योग्यता: साइबर सिक्योरिटी का कोर्स आप 12वीं के बाद किया जा सकता है। देश के कई संस्थानों में ऐसे कोर्स संचालित हो रहे हैं या फिर सीसीएनए, सीसीएनपी, सीसीएनएच जैसे नेटवर्किंग कोर्स करके भी इस फील्ड में आ सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन कोर्सेज भी उपलब्ध हैं।