राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि दीपावली एक ऐसा त्योहार है जो आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह खुशियां बांटने का त्योहार है। दूसरों के जीवन में खुशियों की रोशनी फैलाकर जश्न मनाएं।

राज्यपाल पटेल आज राजभवन के सांदीपनी सभागार में दीपावली अभिवादन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा सहित राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है। मौसम के अनुसार देश में त्योहारों और उत्सवों का आयोजन किया जाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में त्योहार परिवार के साथ खुशियां मनाने का मौका देते हैं। यह हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी एक अवसर है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों में संस्कार डालें। इसलिए उनकी वाणी और व्यवहार के लिए जरूरी है कि वे बच्चों में अच्छी नैतिकता का विकास करें।

राज्यपाल पटेल ने राजभवन के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई सुंदर रंगोली और उनकी थीम का जिक्र करते हुए कहा कि रंगोली में स्वच्छता, पानी, पर्यावरण-संरक्षण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश बहुत गहरे और महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, "मिट्टी में पानी की मात्रा सीमित है और अगर इसे संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को जीवन के जोखिम का सामना करना पड़ेगा।" इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हमारे दैनिक कार्यों में पानी का दुरुपयोग न हो।

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राज्यपाल के मुख्य सचिव ने कर्मचारियों की ओर से फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। पटेल ने राजभवन के कर्मचारियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और जेल विभाग के बच्चों और कलाकारों द्वारा रोमांचक सांस्कृतिक प्रदर्शन किया गया।