चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने दूर हैं, ऐसे में चंडीगढ़ नगर निगम के नतीजों ने राजनीतिक दलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। अभी तक चंडीगढ़ नगर निगम भाजपा के नियंत्रण में था। क्या यह परिणाम पंजाब विधानसभा चुनाव का ट्रेलर है ? ऐसी चर्चा अब शुरू हो गई है।

अरविंद केजरीवाल ने दी बधाई :

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बधाई देते हुए लिखा, चंडीगढ़ नगर निगम में आम आदमी पार्टी की ये जीत पंजाब में आने वाले बदलाव का संकेत है। चंडीगढ़ के लोगों ने आज भ्रष्ट राजनीति को नकारते हुए AAP की ईमानदार राजनीति को चुना है। AAP के सभी विजयी उम्मीदवारों एवं सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई। इस बार पंजाब बदलाव के लिए तैयार है। 

'आम आदमी पार्टी के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं' 

चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 सीटें हैं। इन सभी सीटों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इनमें से आम आदमी पार्टी ने 14 सीटें, बीजेपी ने 12 सीटें, कांग्रेस ने 8 सीटें और अकाली दल ने 1 सीट जीती है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इन नतीजों को पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है। '2017 के विधानसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के प्रति नागरिकों का रुझान देखा गया था। लेकिन उन्हें बहुमत नहीं मिल सका। लेकिन इस नगर निकाय चुनाव में कहीं न कहीं पंजाब के लोगों का मिजाज बदलता नज़र आ रहा है। आम आदमी पार्टी के बारे में किसी ने यह नहीं सोचा था।  इस चुनाव का सीधा असर पंजाब विधानसभा पर पड़ेगा। इससे पहले, आम आदमी पार्टी (AAP) को पूर्व चुनावों में भी स्पष्ट बढ़त मिली थी। 

बीजेपी मेयर रविकांत भी हारे चुनाव :

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में 15 साल बाद एक पार्टी ने बीजेपी को पीछे कर दिया है। इस चुनाव में कांग्रेस से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि आम आदमी पार्टी ने जोरदार बढ़त हासिल कर ली है। बीजेपी के मेयर रविकांत आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दमनप्रीत से 828 मतों से चुनाव हार गए हैं।