यूपी चुनाव में सपा और आजाद पार्टी का गठबंधन नहीं होगा। शनिवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंद्रशेखर ने कहा कि अखिलेश यादव को दलितों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, हम भाजपा के खिलाफ़ काम करना जारी रखेंगे। चंद्रशेखर ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कही है। चंद्रशेखर ने कहा, "मैं स्वाभिमान के लिए लड़ता हूं, मैं दो बार तिहाड़ जेल भी जा चुका हूं,"मेरी लड़ाई कभी सत्ता पाने के लिए नहीं रहीं।

चंद्रशेखर ने कहा कि, विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास अभी भी किए जा रहे हैं, हालांकि बसपा के साथ कोई गठबंधन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "हम विपक्ष को एकजुट करने के लिए अगले दो दिनों तक प्रयास करना जारी रखेंगे।" हम सिर्फ़ मुद्दों की बात करते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि वह पिछले 6 महीने से बहुजन समाज को एकजुट कर रहे हैं और अखिलेश यादव से मिलते रहे हैं। अखिलेश यादव से लंबी बातचीत हुई है। साथ ही मैं पिछले दो दिनों से लखनऊ में हूं। उन्होंने कहा कि, मेरे लोग (बहुजन समाज के लोग) कहते थे कि हमारा नेता भी सपा के साथ हो जाए लेकिन ऐसा लगता है कि अखिलेश को दलितों की जरूरत नहीं है। अखिलेश ने बहुजन समाज का अपमान किया है। चंद्रशेखर ने कहा कि, बहुजन समाज में एक डर है। हम काशीराम को अपना नेता मानते हैं।

चंद्रशेखर ने कहा, "मैं दो दिनों से लखनऊ में हूं।" मैंने अखिलेश के जवाब का इंतजार किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अखिलेश यादव सामाजिक न्याय को नहीं समझते हैं। चंद्रशेखर ने अखिलेश पर दलित मामले में चुप रहने का भी आरोप लगाया। यह भी कहा गया कि अखिलेश यादव ने दलित नेतृत्व को नकार दिया है। सपा ने दलित नेतृत्व भी अपमान किया। चंद्रशेखर ने कहा कि बीजेपी दलितों के घर खाना खाकर खेल खेल रही है, अब समाजवादी पार्टी भी उसी रास्ते पर चल रही है।