भोपाल: राज्य सरकार ने पुलिस रेगुलेशन में नये बदलाव कर दिये हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ चिकित्सा अधिकारी को एक बाडी स्केच भी देना होगा जिसमें मानव शरीर पर आई चोटें चिन्हांकित की जायेंगी। बाडी स्केच का प्रारुप भी जारी किया गया है जिसे चिकित्सा अधिकारी को भरना होगा।
इसके अलावा, अब पुलिस कार्यवाही के दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है या पुलिस हिरासत में मौत होती है, तो मजिस्ट्रेट या इन्वेटीगेशन आफिसर, अस्पताल या प्रभारी चिकित्सक को मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान मृतक की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने के लिये सूचित करेगा। यह फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पुलिस फोटोग्राफर या राज्य सरकार के द्वारा नामांकित फोटोग्राफर की व्यवस्था करके की जायेगी और जहां ये उपलब्ध नहीं हैं, एक स्वतंत्र अथवा निजी फोटाग्राफर की सेवायें उपयोग में ली जायेंगी। साथ ही फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को पंचनामा या जप्ती पत्रक के अधीन जप्त किया जायेगा और साक्ष्य के रुप में रखा जायेगा। यह साक्ष्य मेमोरी कार्ड में भी संग्रहित करके रखी जायेगी।
इसी प्रकार, अब इन्वेस्टीगेशन अधिकारी द्वारा घटनास्थल का अपनी हस्तलिपि से एक साईट प्लान भी बनाया जायेगा और इसे मौका पंचनामा के साथ संलग्र किया जायेगा। इस साईट प्लान में घटना का स्थान, वह स्थान जहां शव पाया गया, वह स्थान जहां मुख्य हथियार एवं पदार्थ पाये गये, वह स्थान जहां रक्त के दाग और शरीर के तरल पदार्थ पाये गये आदि का उल्लेख रहेगा।