भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन अलग-अलग आदेश जारी कर खंडवा छतरपुर और सतना जिले के कलेक्टर को हटाकर नए कलेक्टरों की पदस्थापना की है. छतरपुर कलेक्टर के खिलाफ बीजेपी विधायक राजेश प्रजापति ने धरना दिया था, जबकि अधिकारियों एवं पत्रकारों के साथ अभद्रता का व्यवहार करने वाले अनय द्विवेदी को पंचायत चुनाव के पहले हटा दिया गया. जबकि सतना कलेक्टर को इसलिए हटाया गया, क्योंकि उनके जिले के रैगांव विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को पराजय मिली. इस पराजय के बाद से ही सतना सांसद गणेश सिंह लगातार कलेक्टर के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कान भर लगे थे.
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को हटाकर नगर निगम जबलपुर आयुक्त संदीप जीआर को नया कलेक्टर बनाया गया. यहां यह उल्लेख करना समाचीन होगा कि बीजेपी के दलित विधायक राजेश प्रजापति रेत माफिया के अवैध उत्खनन को रोकने और अन्य मुद्दों को लेकर कलेक्टर शीलेंद्र सिंह से मिलने गए थे. कलेक्टर ने उनसे मिलना मुनासिब नहीं समझा. इसी से नाराज होकर बीजेपी के दलित विधायक राजेश प्रजापति धरने पर बैठ गए. इससे सरकार की किरकिरी हुई. तभी से उनके हटाए जाने की खबरें राजनीतिक गलियारों में गूंजने लगी थी.
एक अन्य आदेश में खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी को हटाकर अनूप कुमार सिंह को नया कलेक्टर बनाया गया है. अनय द्विवेदी को उनके अभद्र व्यवहार के चलते सरकार को हटाना पड़ा. सात महीने पहले सोशल मीडिया पर खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें हुए खंडवा के जाने-माने पत्रकारों और जेल कर्मचारियों के साथ न केवल बदतमीजी की बल्कि जेल में बंद करने की धमकी भी दी थी. यही नहीं, बीजेपी के स्थानीय नेताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया. अपने दुर्व्यवहार के चलते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पुणे हटाना पड़ा. इसकी मुख्य वजह यह भी है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होने जा रही है. कलेक्टर का व्यवहार जनता के प्रति ठीक नहीं है. राज्य सरकार का तीसरा आदेश सतना कलेक्टर के स्थानांतरण से संबंधित था. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया को रैगांव विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को मिली पराजय के कारण हटाया गया. उनके स्थान पर अनुराग वर्मा को सपना का नया कलेक्टर बनाया गया. दरअसल, रैगांव विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को मिली पराजय के बाद से ही स्थानीय सांसद गणेश सिंह कलेक्टर को हटाने की मांग लगातार करते आ रहे थे. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा उपचुनाव के बाद पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है. बीजेपी पंचायत चुनाव हर हाल में जीतना चाहती हैं. यही वजह है कि राज्य सरकार ने जनता में प्रतिकूल परफॉर्मेंस देने वाले कलेक्टर को हटाया.
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जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से बदतमीजी करने वाले छतरपुर और खंडवा कलेक्टर हटाए गए
सतना कलेक्टर को मिली रैगांव विधानसभा उपचुनाव में पराजय की सजा