भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने अपने प्रभारी मुख्य अभियंता का अनियमितता संबंधी प्रकरण इस आधार पर बिना दण्ड के समाप्त कर दिया क्योंकि यह मामला चार साल से अधिक पुराना हो गया था। प्रभारी मुख्य अभियंता एसडी श्रीवास्तव जब प्रतिनियुक्ति पर मप्र ग्रामीण विकास प्राधिकरण में महाप्रबंधक के पद पर पदस्थ थे तब पीआईयू अलीराजपुर में पदस्थी के दौरान गलत मापों के आधार पर बखतगढ़ साकड़ी से बोरवाला सडक़ मार्ग निर्माण का भुगतान कर दिया था। इस पर उन्हें प्राधिकरण के सीईओ ने 19 नवम्बर 2013 को शो कॉज नोटिस जारी किया था। परन्तु इस नोटिस का एसडी श्रीवास्तव ने कोई जवाब नहीं दिया। यह मामला लम्बे समय तक बिना कार्यवाही के दबा रहा।


सात साल बाद यह मामला संज्ञान में आने पर विभाग ने 21 जनवरी 2021 को पुन: एसडी श्रीवास्तव को शो कॉज नोटिस जारी किया, लेकिन जवाब देने के पूर्व वे 31 जनवरी 2021 को रिटायर हो गये। चूंकि अनियमितता संबंधी मामले को चार वर्ष से अधिक समय हो गया था इसलिये अब जल संसाधन विभाग ने बिना किसी दण्ड के यह मामला समाप्त कर दिया है।
 

भू जलविद दण्डित :
 

इधर भूजल सर्वेक्षण इकाई मुरैना में पदस्थ सहायक भू जलविद डीके शौरी को वर्ष 2012 से वर्ष 2018 तक के भू जल नमूनों के एकत्रीकरण कार्य में रुचि न लेने पर आरोप पत्र जारी किया गया तथा जांच में आरोप प्रमाणित पाये गये। इस पर अब उन्हें दो वार्षिक वेतनवृध्दि के समतुल्य राशि वसूल करने के दण्ड से दण्डित किया गया है।