शासन मैदानी अफसरों से कांफेस के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दर्जन भर जिलो के कलेक्टर-एसपी के कामकाज पर परोक्ष रूप से अपनी राय जाहिर कर दी है। सुशासन के लिये जनता से जुड़े सीधे कामकाज पर उनका फोकस यह भी बताता है कि गांवों से लेकर शहरों तक की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ ही सरकार को पंचायत व नगरीय निकाय चुनावो की फिक्र भी है। कांफेस में कुछ कलेक्टरों के कामकाज सवालिया घेरे में आने के बाद चर्चा है कि इन्हें बदला भी जा सकता है।
कांफेस में भूमि नामांतरण के मामले में छतरपुर और दतिया के कलेक्टर साफ फंस गये हैं। सीएम ने कहा कि जब विवाद नहीं है तो नामांतरण एक माह में हो जाना चाहिए। स्पष्ट प्रवधान होने के बाद भी यह लंबित क्यों हैं। उन्होंने छतरपुर और दतिया में नामांतरण के मामले लंबित होने पर कलेक्टरों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि फिर कह रहा हूं किइसे गंभीरता से लें। यह चेतावनी सभी कलेक्टरों के लिये भी है किअविवादित नामांतरण के प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कियह सीधे आमजन से जुड़ा हुआ विषय है, इसके प्रति संजीदा रहें। हालांकिअविवादित नामांतरण के प्रकरणों के निराकरण में अच्छा काम करने पर शहडोल, छिंदवाड़ा, रायसेन, अनूपपुर और विदिशा जिले को बधाई देते हुए बाकी जिलों को सुधार लाने के निर्देश दिए।
वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में निवाड़ी, दमोह, डिंडौरी, नरसिंहपुर और गुना का प्रदर्शन अच्छा रहा है तो आबादी भूमि का अधिकार देने में रीवा, बड़वानी, धार, रतलाम, बालाघाट, बैतूल, बुराहनपुर, सीहोर, अनूपपुर और शिवपुरी जिले में बेहतर काम किया है। मुख्यमंत्री आवासीय भूट्ठअधिकार योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए किआबादी भूमि की कमी होने पर कलेक्टर नवीन आबादी भूमि क्षेत्र घोषित करें।
मिलावटखोरों पर न कार्रवाई न समन्वय
बताया जाता है किशहरों में चिन्हित मिलावटखोरों पर कार्रवाई न करने को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा खानापूर्ति नहीं पुख्ता कार्रवाई के लिये कहा वे बोले कि- जब मेरे साफ निर्देश हैं तो फिर कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए। उन्होंने इंदौर, मुरैना और देवास जिले में आपसी समन्वय बेहतर न होने पर भी नाराजगी जताई।
अवैध शराब पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ने फिर कहा है किअवैध शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। कार्रवाई करने में कोई कोताही न बरतें। हालाकिइस दौरान राधौगढ, मंदसौर सीहोर ग्वालियर में अवैध शराब पर पुलिस कार्रवाई का ब्योरा दिया गया। इसमें कहा गया कि अक्टूबर 2021 में अवैध शराब के 36 हजार 812 प्रकरण दर्ज करके 26 हजार 484 आरोपितों को गिरफ्तार किया। 45 वाहन जब्त किए।