फिसलती जुबानें और एतराज़ के बहाने चुनावी तराने..
भोपाल: मप्र की चार सीटों पर हो रहे उपचुनाव की घड़ी जैसे नजदीक आ रही है नेताओं की जुबां तीखी हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के अनुभव को लेकर निक्कर वाली टिप्पणी करके बवाल पैदा कर चुके हैं।
अब अरुण यादव की टिप्पणी पर विवाद है। उन्होंने खंडवा संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई को अप्सरा हेमा मालिनी बताया तो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के लिए भी ग्रामीण शब्द डोकरी का उपयोग किया। अब नाराज भाजपा चुनाव आयोग से यादव के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग में जुटी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने भी गृह विभाग से रिपोर्ट मांगी है।
पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह जादौन ने कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के नेता आधारहीन और अशोभनीय टिप्पणियाँ कर रहे हैं। चुनाव सभा के दौरान यादव ने कहा कि कांग्रेस सरकार में लोगों को महंगाई डायन लगती थी पर इस सरकार में महंगाई अप्सरा हेमा मालिनी बन गई। उन्होंने हेमा मालिनी की तुलना डायन से करके न सिर्फ उनका बल्कि महिलाओं को भी अपमान किया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को लेकर अशोभनीय टिप्पणी करते हुए कहा कि स्मृति ईरानी डोकरी बणी गई।
चुनाव आयोग को भेजा प्रतिवेदन:
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के पृथ्वीपुर की सभा में लोकायुक्त को फर्जी बताने के मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने प्रतिवेदन चुनाव आयोग को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दिया है। भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी।
शिवराज को खुली बहस की चुनौती:
इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पंधाना और सनावद की सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर आरोप पर नाथ ने उन्हें विकास के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दे डाली है। नाथ ने कहा कि मैं तो अब भी कहता हूँ, कि आप( शिवराज) अच्छे कलाकार है। जनता को झूठी घोषणाओं से गुमराह करते हैं पर प्रदेश के हाल जनता के सामने है। आप अपने 17 साल के विकास का हिसाब लेकर प्रदेश के किसी भी मंच पर आ जाइए और मैं अपनी 15 माह की सरकार के विकास का हिसाब लेकर आ जाता हूं।