राज्यसभा के 12 सदस्यों को निलंबित किए जाने के बाद पहली बार कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई. इसमें पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं. संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक हुई. इस बैठक में राहुल गांधी समेत पार्टी के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद शामिल हुए. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल शीतकालीन सत्र से 12 सांसदों को निलंबित करने के आदेश को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की ज्यादातर संपत्ति बेच दी है. केंद्र सरकार ने पीएसयू को खत्म कर दिया है. महंगाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि, देश में लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. हर परिवार का मासिक बजट बिगड़ गया है.

सोनिया गांधी ने सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर भी बात की. उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर संसद में चर्चा होनी चाहिए. 12 सांसदों के निलंबन पर सोनिया ने कहा कि, '12 सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर हम अपने सदस्यों के साथ खड़े हुए हैं.

नियम 256 के तहत कार्यवाही

पिछले सोमवार को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किए गए सांसदों में से छह कांग्रेस के संसद थे. इसके अलावा 2-2 तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना और माकपा के संसद थे. आरोप है कि इस बात की जानकारी राजदूत ने हुसैन को मानसून सत्र के दौरान मुहैया कराई थी. सरकार ने नियम 256 के तहत उनके निलंबन की मांग की थी.

धरने पर बैठेंगे 120 सांसद :

12 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्ष के 120 राज्यसभा सांसद आज धरने पर बैठेंगे. कल यानी गुरुवार को लोकसभा सांसद भी एकजुटता दिखाने के लिए धरना में शामिल होंगे. संसदीय दल की बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ रणनीतिकार महासचिव सीताराम येचुरी ने मुलाकात की और आगे की रणनीति पर चर्चा की.