कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने सभी की टेंशन बढ़ा दी है। इधर, मप्र में कोरोना के मामले फिर से शुरू होने से सरकार सकते में है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में आपात बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को इस बार कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का कड़ा निर्देश दिया और  मरीज को आइसोलेट करने के तुरंत बाद पूरे परिवार की जांच कराने का आदेश दिया। अस्पतालों में वेंटिलेटर से लेकर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तक सब कुछ उपलब्ध होना चाहिए। यदि आवश्यक हो, तो एरिया को कंटेंटमेंट जोन में तब्दील करें।

कोरोना के नए रूपों के मामलों में लगातार वृद्धि ने आम आदमी के साथ-साथ सरकार के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अकेले राजधानी भोपाल में ही कोरोना के 16 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सरकार ने स्थिति पर विचार करने और आगे की योजना बनाने के लिए आज अचानक आपात बैठक बुलाई।

सभी मरीजों को आइसोलेट करें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई करने और कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। इन सभी 16 मरीजों को आइसोलेट कर उनके परिवार का कोरोना टेस्ट और कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग कराएं।

यह होगी व्यवस्था
बैठक में सीएम शिवराज ने अहम निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आप एक पल के लिए भी लापरवाह न हों। परीक्षणों की संख्या बढ़ाएँ। मरीजों को आइसोलेट करें। जरूरत पड़ने पर छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। भोपाल एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर तुरंत कोरोना जांच शुरू की जाए ताकि बाहरी लोगों से कोरोना न फैले। काटजू अस्पताल समेत भोपाल के अन्य अस्पतालों को कोरोना मरीजों के लिए रखें। अस्पतालों में एक बार कोरोना से संबंधित सभी आवश्यक मशीनों और उपकरणों की जांच करें। संपूर्ण कार्ययोजना तैयार करने में पूरा प्रशासन सतर्क रहे। सीएम ने कहा कि वह स्वयं जागरूकता अभियान के लिए निकलेंगे।

पीएस स्वास्थ्य निर्देश
मुख्यमंत्री ने पीएस हेल्थ को निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना से संबंधित आंकड़े नियमित रूप से सुबह-शाम मेरे सामने रखें। प्रदेश के सभी अस्पतालों में कोरोना संबंधित मशीनरी की समीक्षा करें। उनका परीक्षण करवाएं। बच्चों के वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कंसेंटेटर, वेंटिलेटर समेत अन्य उपकरणों की जांच करें। राज्य में रोको टोको अभियान को तेज करें। कोई डेटा छुपाएं नहीं। जिला सीएमएचओ की बैठक तुरंत लें। जिला आपदा प्रबंधन समिति को पूर्ण प्रस्तुति दें।