भोपाल: भारत सरकार द्वारा भी मप्र की सीएम हेल्पलाईन की तरह सीपीग्राम्स (सेन्ट्रलाईज्ड पब्लिक ग्रीवान्सेस रीड्रेस एण्ड मॉनिटरिंग सिस्टम) पोर्टल चला रहा है। लेकिन इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निराकरण मप्र के सरकारी विभाग तय अवधि 45 दिन में भी नहीं कर रहे हैं। केंद्र के इस पोर्टल पर कोविड एवं अन्य विषयों पर शिकायतें ली जाती हैं।
प्रदेश के लोक सेवा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने सीपीग्राम्स पोर्टल पर आई शिकायतों के सीएम हेल्पलाईन की तरह निराकरण हेतु पहली बार 30 जुलाई 2021 को सभी विभागों को पत्र लिखा था। लेकिन विभागों ने इन शिकायतों के निराकरण में विशेष रुचि नहीं ली। इसलिये अब दोबारा प्रमुख सचिव ने सभी विभागों को पत्र लिखकर कहा है कि सीपीग्राम्स पोर्टल पर जो शिकायतें जुलाई में लंबित थीं वे अब भी लगभग उतनी ही संख्या में लंबित दिख रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि राज्य के जिस परिवहन विभाग ने पिछले दो माह में सीएम हेल्पलाईन में आई शिकायतों के निराकरण में प्रदेश भर में अव्वल आने पर वाहवाही लूटी थी, वह सीपीग्राम्स पोर्टल में आई शिकायतों के निराकरण में बुरी तरह विफल रहा है। सीपीग्राम्स पोर्टल में जुलाई की स्थिति में परिवहन विभाग के अंतर्गत 734 शिकायतें लंबित थीं जो वर्तमान में 713 प्रदर्शित हो रही हैं।
इसी प्रकार, राज्य के हेल्थ डिपार्टमेंट की लंबित शिकायतें भी 2540 की तुलना में 2537 हैं। गृह विभाग की लंबित शिकायतें 13011 की तूलना में 12982 हैं। पंचायत विभाग में यह आंकड़ा 3844 की तुलना में 3838 है जबकि नगरीय प्रशासन विभाग में यह आंकड़ा 3707 की तुलना में 3700 है। उच्च शिक्षा विभाग में 2563 की तुलना में 2558 लंबित शिकायतें हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में यह संख्या 3949 की तुलना में 3947 है। जल संसाधन विभाग की जो लंबित शिकायतें जुलाई में 489 थीं वे अब भी इतनी ही बनी हुई हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी लंबित शिकायतें वैसी ही 156 बनी हुई हैं। सभी विभागों से संबंधित कुल 50 हजार 239 लंबित शिकायतों में से अब भी 49 हजार 678 शिकायतें बिना निराकरण के लंबित पड़ी हैं।