आत्मिक आनंद भी जरूरी

अपनी जिंदगी में हर उस चीज को दूर रखना जो आपको पसंद है, आपको कभी स्वस्थ नहीं रख पाएगी। क्योंकि आप हमेशा दुखी और असंतुष्ट रहेंगे, इसलिए विवेकशीलता और संतुलन के साथ इन चीजों को भी शामिल रखें। जो लोग बहुत कठोर एक्सरसाइज और खुद को सताने की हद तक हेल्दी डाइट से चिपके रहते हैं, उनके लिए लेखिका हाना ब्रोंफमैन की किताब 'डू ह्वाट फील्स गुड रेसिपीज, रेमेडीज एंड रूटीन टू ट्रीट योर बॉडी राइट' सहायक बनेगी। इसमें लिखा है कि तन-मन स्वस्थ रखने के लिए दुनिया के तमाम हेल्थ नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने आत्मिक आनंद और सुकून का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।

फिजिकल, इमोशनल, सोशल संतुलन जरूरी आप अपनी वेलनेस का टारगेट तभी अचीव कर पाएंगे जब खुद को खुश और आनंदित रखेंगे। सही ढंग से सेहतमंद रहने के लिए जिंदगी के फिजिकल, इमोशनल और सोशल तीनों पहलुओं में संतुलन रखना होगा। आपको फिजिकली फिट रहना है तो एक्सरसाइज करें लेकिन वह खुद को प्रताड़ना देने वाली ना हो। आप इंजॉय करते हुए भी डांस, स्विमिंग, बैडमिंटन, रेसिंग, पसंदीदा बगीचे में वॉकिंग, हाइड एंड सीक गेम आदि के माध्यम से फिट रह सकते हैं। आपको चटपटी चीजें खाना पसंद हो तो जरूरी नहीं कि आप होटल, रेस्तरां का खाना या स्ट्रीट फूड खाएं। आप कभी-कभी घर में अपने हाथ से ताजा चटपटी चीजें, जो शुद्ध तेल-मसालों और सब्जियों व फलों के उपयोग से बनी हो, उन्हें खा सकते हैं। इसके लिए आपको यूट्यूब पर ढेर सारी रेसिपी मिल जाएंगी। आपको लोगों से मिलना-जुलना, हंसी-मजाक करना और दोस्तों के साथ अड्डा जमाना अच्छा लगता है तो जरूरी नहीं कि आप अल्कोहल पार्टी में या किसी बार में मिलें। इसके लिए आप किसी अच्छे रेस्तरां में डिनर, लव या ब्रेकफास्ट पर मिल सकते हैं। किसी पार्टी या मॉल में मिल सकते हैं और घंटे दो घंटे हंसी-ठट्ठा कर सकते हैं।

रोज कुछ छोटे कदम उठाएं

वेलनेस का मूल मंत्र यह है कि आपको जानना चाहिए कि आपके लिए क्या बेस्ट है और आप खुद को स्ट्रेस दिए बिना इसे कैसे अचीव कर सकते है। स्ट्रेस देने वाली डाइट, एक्सरसाइज या दूसरे अनुशासन बिलकुल काम नहीं करते, जो चीजें आपको उदास और परेशान करती है वे लाभ की जगह नुकसान पहुंचाती है। मनोविज्ञान का कहना है कि मन की स्थिति और विचारों का हमारे एनर्जी लेवल पर बहुत प्रभाव पड़ता है। वेलनेस कोच का मानना है कि हर रोज छोटे-छोटे कदम उठाते हुए बुरी चीजों को अपने रूटीन से निकालकर अच्छी आदतें विकसित करनी चाहिए।

वेलनेस रूटीन यह करें

80-20 का रूल अपनाएं। 80 फीसदी हेल्दी रूटीन एवं अनुशासन के साथ-साथ 20 फीसदी ढील खुद के मन की चीजों के लिए दें। जिम के बाहर यानी किसी पार्क, हरे-भरे स्थान, नदी किनारे या सी-बीच पर एक्सरसाइज करने की आदत डालें। वेट कंट्रोल या डाइट कंट्रोल के अवास्तविक लक्ष्य निर्धारित करके खुद को सजा न दें। हेल्दी रहने के लिए रातों रात बड़े कदम ना उठाएं। ये आपको शारीरिक मानसिक प्रताड़ना तो देंगे ही कभी फलीभूत भी नहीं होंगे। हेल्दी रूटीन और खान-पान पर कंट्रोल की अपनी छोटी-छोटी उपलब्धियों को एंजॉय करें और सेलिब्रेट करें।

सोशल मीडिया से प्रभावित ना हों

कभी भी सोशल मीडिया पर दी गई सूचनाओं और जानकारियों से प्रभावित ना हों। इनमें से ज्यादातर फेक हो सकती हैं और आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं। दूसरे लोगों की नकल करने की कोशिश भी ना करें क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और जरूरतें अलग होती हैं। खुद के लिए डाइट और एक्सरसाइज की प्लानिंग कुशल डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट और फिजिकल ट्रेनर से मिलकर करें। मानसिक समस्याओं के लिए मनोचिकित्सक से मिलें।