भोपाल. जंगल से निकल के रिहायशी इलाके में आने वाले वन्य प्राणियों के निगरानी ड्रोन से होगी. प्रत्येक वन मंडलों में 2-2 ड्रोन खरीदने का प्रस्ताव भोपाल सर्किल ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी मुख्यालय को भेजा है. ड्रोन खरीदने की आवश्यकता तब महसूस की गई, जब 3 दिन से वन विभाग का दस्ता बड़ी मशक्कत के बाद भी स्वर्ण जयंती पार्क में तेंदुए की खोज नहीं कर पाया. अब उसे भी खोजने के लिए विदिशा वन मंडल से ड्रोन मंगाया गया है.

भोपाल सर्किल में पदस्थ मुख्य वन संरक्षक रविंद्र सक्सेना ने सोमवार को भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ओबैदुल्लागंज और राजगढ़ वन मंडल अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में निर्णय लिया गया कि रिहायशी इलाके में आने वाले वन्य प्राणियों की निगरानी के लिए 2-2 ड्रोन खरीदे जाए.

इस महत्वपूर्ण बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वन्य प्राणियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए पर्याप्त वाटरहोल (कृत्रिम जल स्रोत) बनाए जाए. ड्रोन खरीदने का प्रस्ताव वन्य प्राणी शाखा में भेजा जा रहा है. ड्रोन से रिहायशी इलाके में आने वाले तेंदुआ, बाघ और अन्य वन प्राणियों की निगरानी सतत रखी जा सकेगी. ड्रोन की मदद से वन कर्मियों को टाइगर अथवा अन्य प्राणियों के विचरण क्षेत्र पर नजर रखी जा सकेगी. वर्तमान में वन कर्मी जंगलों में पैदल गश्ती करते है. इसके कारण उन पर कभी भी वन्य प्राणियों के हमले की आशंका बनी रहती है.

लापता तेंदुए की खोज ड्रोन से होगी
पिछले 3 दिनों से स्वर्ण जयंती पार्क में तेंदुए की खोज की जा रही है. पिंजरा भी रखा गया है किंतु अभी तक तेंदुआ वन कर्मियों के साथ आंख-मिचौली का खेल खेलता आ रहा है. तेंदुए की खोज में जुटा वन कर्मियों का दस्ता भी हमले की आशंका से भयभीत है. 3 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद भी तेंदुए का पता नहीं लग पाया है. भोपाल मुख्य वन संरक्षक सक्सेना ने सोमवार को विदिशा वन मंडल से ड्रोन मंगाया है. इस ड्रोन की मदद से तेंदुए की खोज की जाएगी.