दिल की बीमारी के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है आर्टरी में जमा हो चुके वसा के थक्के भोजन के जरिए अतिरिक्त वसा (कोलेस्ट्रॉल, फैट, सैल्युलर वेस्ट, फाइब्रिन और कैल्शियम) आर्टरी में जमा हो जाती है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ और मसाले हैं जिनके उपयोग से आर्टरी में जमा हो चुकी वसा को भी निकाला जा सकता है।

इन्हें खाएं, दिल की आर्टरीज रहेंगी क्लियर.

लहसुन:

दिल की आर्टरीज को क्लीन करने के लिए सबसे आसान तरीका है लहसुन को रोज के भोजन में शामिल करना जर्मनी में हुए एक शोध अध्ययन के मुताबिक लहसुन के नियमित उपयोग करने से एओर्टा (दिल की एक महत्वपूर्ण धमनी) सख्त नहीं होती है। इससे बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है।

हल्दी:

हल्दी एक ऐसा सुपर फूड मसाला है जिसे भारतीय भोजन में आवश्यक समझा जाता है। यह मसाला आर्टरी को ब्लॉकेज से मुक्त रखता है। इसमें करक्यूमिन नामक रसायन होता है जो बहुत स्वास्थ्य वर्धक होता है और उसके कई फायदे होते हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ आर्टरी और रक्त नलिकाओं की सूजन को कम करने में दिखाई देता है। साथ ही रक्त नलिकाएं क्षतिग्रस्त होने से बची रहती हैं।

अनार:

जर्नल्स प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में 2005 में प्रकाशित एक अध्ययन से पुष्टि हुई है कि अनार का नियमित उपयोग करने से आर्टरीज का चौक होना रुक जाता है। इस फल में बहुत अधिक मात्रा में पॉलीफेनॉल्स, विटामिन सी और दूसरे कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इस फल का रस नाइट्रिक एसिड के उत्पादन में मदद करता है जो आर्टरीज को खुला रखता है, ताकि रक्त का प्रवाह सुचारू ढंग से होता रहे।

फ्लैक्सीड ऑयल (अलसी का तेल):

इसके प्रमाण मिलते हैं कि जिन खाद्य पदार्थों में अल्फा लिनोलेनिक एसिड यानी फ्लैक्सीड ऑयल होता है उनके जरिए दिल की बीमारी को रोका जा सकता है साथ ही दिल की बीमारी में राहत भी मिल सकती है। एक अध्ययन से पुष्टि हुई है कि अलसी के तेल का उपयोग करने वालों को घातक दिल का दौरा नहीं पड़ता है। एक अन्य अध्ययन कहता है कि जो महिलाएं प्रतिदिन 1.5 ग्राम अलसी के बीज खाती हैं उन्हें दूसरी महिलाओं की तुलना में एकाएक दिल का दौरा पड़ने की आशंका 46 प्रतिशत कम हो जाती है।

भारतीय भोजन शैली में अलसी के बीज को इस्तेमाल करने की प्रथा है लेकिन अब कोल्ड प्रेस्ड फ्लैक्सीड ऑयल बाजार में मिलता है। इसके कैप्सूल भी मिलने लगे हैं।