सारंग बोले वर्चुअल मनाया जन्मदिन; सोशल डिस्टेसिंग का करें पालन

मंत्री विश्वास सारंग ने वर्चुअल मनाया अपना जन्मदिन | 

मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर “वर्चुअल” तरीके से जन्मदिन मनाने का फैसला किया| विश्वास सारंग ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे जन्मदिन की बधाई देने के लिए प्रत्यक्ष ना आयें| उनके समर्थकों ने भी अपने नेता के निर्देश का पूरा पालन किया| 

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री और भोपाल के विधायक विश्वास सारंग अपने समर्थकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं| भोपाल में उनके लाखों चाहने वाले हैं, उनके जन्मदिन पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ उनके बंगले पर इकट्ठा हो जाती थी| 

लेकिन इस बार विश्वास सारंग ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर “वर्चुअल” तरीके से जन्मदिन मनाने का फैसला किया| विश्वास सारंग ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे जन्मदिन की बधाई देने के लिए प्रत्यक्ष ना आयें| वे फेसबुक लाइव, टि्वटर, Youtube, जूम मीटिंग के जरिए ऑनलाइन लाइव जुड़ेंगे और उनसे संवाद करेंगे| विश्वास सारंग ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया|

Vishwas Sarang Birthday Celebration Video News

मध्यप्रदेश के "इस बार वर्चुअल जन्मदिन" सम्पूर्ण भारत के अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बंधुओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर वर्चुअल संवाद किया।

एक सेवक का कर्तव्य सदैव जनता के लिये कार्य करते रहना है। 

यही मेरे जीवन का मूल मंत्र है।

हम कहीं भी हो लेकिन ये स्नेह और आशीर्वाद सदा मेरे साथ रहें...

आज वर्चुअल जन्मदिन पर नरेला विधानसभा के नागरिकों से संवाद कर अपार प्रसन्नता की अनुभूति हुई। आप सभी की शुभकामनाओं और आशीर्वाद के लिये धन्यवाद।

जन्मदिन के संवाद के साथ मंत्री जी अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी करते रहे, उन्होंने कहा  

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए हमीदिया अस्पताल में कुल 912 कोविड बिस्तर तैयार किये गए हैं। जिसमें ऑक्सीजन युक्त वेंटिलेटर बिस्तर, पीडिएट्रिक आईसीयू सम्मिलित हैं।

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की |

उन्होंने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी को लेकर आज हमीदिया अस्पताल में मेडिकल कॉलेज पर चिकित्सा प्रोजेक्ट का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।

 

 

विश्वास सारंग : जीवन यात्रा 

वे 1993 से 1995 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे।

1998 से 2001 तक भारतीय जनता युवा मोर्च में भोपाल महानगर के ज़िलाध्यक्ष रहे।

2002 से 2004 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे।

1999 से 2004 तक भोपाल नगर निगम वार्ड 14 से पार्षद रहे।

2004 से 2007 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री रहे।

2007 से 2010 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।

2008 से 2014 तक वनोपज संघ के अध्यक्ष रहे।

2008 से नरेला विधानसभा क्षेत्र भोपाल के विधायक चुने गये।

2010 से 2012 तक भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य।

2011 से 2012 तक भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता।

2013 में नरेला क्षेत्र, भोपाल से पुनः विधायक चुने गये।

2016 में भोपाल गैस त्रासदी राहत तथा पुनर्वास एवं सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रहार), पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री।

2020 में विश्वास सारंग मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री बनाये गये| 

 

 

*कोरोना की तैयारियों के बीच मंत्री सारंग ने वर्चुल मनाया अपना जन्मदिन, ट्विटर में नंबर 1 ट्रेंड किया #HBDVishvasSarang*

*भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क।* ओमिक्रोन के बढ़ते खतरे और कोरोना की संभावित तीसरी लहर के बीच मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने आज 29 दिसंबर को वर्चअल तरीक़े से अपना जन्मदिन मनाया। दिन भर कोरोना की तैयारियों के बीच कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मंत्री सारंग लोगों से ऑनलाइन ही बधाई लेते रहे। प्रशंसकों ने उन्हें सोशल मीडिया पर जम कर बधाई दी। दिन भर ट्विटर पर #HBDVishvasSarang ट्रेंड करता रहा। दिन में कई बार यह हैशटैग नंबर 1 पर ट्रेंड किया। 

*जूम कॉल के माध्यम से प्रशंसकों से जुड़े सारंग*
दरअसल आज जन्मदिन के मौके पर मंत्री विश्वास सारंग जूम कॉल के मध्यम से लोगो जुड़े और प्रशंसकों से बातचीत कर जन्मदिन की बधाई ली। सुबह 11:30 से दोपहर 12:30, दोपहर 01:00 से 02:00, शाम 05:30 से 06:00 और शाम 06:30 से 07:00 बजे तक उन्होंने जूम कॉल के जरिए अपने प्रशंसकों से मुलाकात की। प्रशंसकों ने उन्हें WhatsApp और SMS के जरिए भी बधाई संदेश भेजे। 

*हमीदिया अस्पताल का किया निरीक्षण*
वहीं कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर मंत्री सारंग ने आज हमीदिया अस्पताल का निरीक्षण कर तैयारियों का ज्याज भी लिया। उन्होंने वहां की जा रही तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने हमीदिया अस्पताल के नए भवन में स्थापित हो रहे पंजीयन एवं प्रतीक्षालय-कक्ष सहित आकस्मिक स्त्री एवं शिशु रोग चिकित्सा विभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के लिये बनाये गए वार्ड में बच्चों को अच्छा वातावरण देने के उद्देश्य से कार्टून केरेक्टर्स को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। 

*बच्चों की मां के रुकने की भी व्यवस्था होगी*
अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री सारंग ने अस्पताल परिसर में पौध-रोपण भी किया। मंत्री सारंग ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड के बाहर बच्चों की मां की रुकने की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने फायर सेफ्टी के साथ आवश्यक मॉकड्रिल करने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने बताया कि कोविड के लिए अस्पताल में कुल 912 ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है। इनमें से 120 बेड्स टी.बी. अस्पताल में होंगे। 

*सभी मेडिकल कालेजों के डीन को दिए आवश्यक निर्देश*
वहीं सारंग ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कॉलेज के डीन और अधीक्षकों से भी चर्चा की और निर्देश दिए कि कोविड की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज उपकरण, आवश्यक दवाएं आदि की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की परेशानी आए, तो वरिष्ठों को अवगत कराएं। उन्होंने ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और ऑक्सीजन प्लांट आदि की टेस्टिंग रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए।

*टीम वर्क के साथ करें काम*
सारंग ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में कांटेक्ट पर्सन और उसका मोबाइल नम्बर सार्वजनिक करें। मरीजों से परिजन के मिलने की जगह भी सुनिश्चित करें। उनसे वीडियो कॉलिंग आदि की व्यवस्थाएं भी की जाए। मेडिकल कॉलेज में की जा रही व्यवस्थाओं से स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को भी अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि, टीम वर्क के साथ काम करने के लिये मेडिकल स्टॉफ को मोटीवेट करें। साथ ही उन्होंने कोविड के मद्देनजर प्लानिंग रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए है।

*प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 12 हजार 577 बेड*
प्रदेश के मेडिकल कालेजों में 12 हजार 577 बेड
बतादें प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल 12 हजार 577 कोविड और नॉन कोविड बेड उपलब्ध हैं। इसमें भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में 1580, छिन्दवाड़ा में 600, दतिया में 200, ग्वालियर में 1677, इंदौर में 2500, जबलपुर में 1369, खण्डवा में 446, रतलाम में 750, रीवा में 1341, सागर में 750, शहडोल में 604, शिवपुरी में 300 और विदिशा मेडिकल कॉलेज में 460 बेड शामिल हैं।