भोपाल. भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (एफएसआई)ने प्रदेश के अफसरों को  खुशी मनाने का अवसर नहीं दिया. शुरुआती दौर में प्रदेश के फॉरेस्ट कवर एरिया 10.30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बढ़ने पर जंगल महकमे के अफसर खुशी मनाने और पीठ थपथपा ने की मन बना चुके थे रिपोर्ट कोर्ट में जब 5400 से अधिक पर वर्ग किलोमीटर जंगल साफ होने की  विस्तृत जानकारी मिली तब वे किंकर्तव्यविमूढ़ की स्थिति में पहुंच गए.

एफएसआई-21 की रिपोर्ट ने जंगल महकमे ऊंचे पदों पर बैठे आसीन अफसरों की कलाई खोल दी है कि वे प्रदेश में अवैध उत्खनन और अतिक्रमण को रोकने में असफल रहे हैं. अवैध उत्खनन और अतिक्रमण के चलते ही प्रदेश के जंगल का इतना बड़ा इलाका 5457 वर्ग  किलोमीटर वृक्ष विहीन हो गया है. यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि प्रदेश में हर साल अवैध उत्खनन और अतिक्रमण के 60,000 से अधिक मामले दर्ज होते हैं. वर्ष 2020 में 53000 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध उत्खनन और 700 से अधिक हेक्टेयर में अवैध कटाई की गई है. एफएसआई-21 की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 38 जिले ऐसे हैं जहां पर फॉरेस्ट कवर एरिया घटा है. मुख्यमंत्री का गृह जिला सीहोर और वन मंत्री का गृह जिला खंडवा भी शामिल है. सबसे अधिक एरिया बड़वानी, हरदा, सिंगरौली, शहडोल, जबलपुर, श्योपुर और जबलपुर जिला शामिल है. राजधानी भोपाल में भी फॉरेस्ट कवर एरिया कम हुआ है. जिन जिलों में फॉरेस्ट कवर एरिया कम हुआ है, वहां किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए.

बटरफ्लाई और रेप्टाई का भी एरिया का हुआ कम
एफएसआई की रिपोर्ट ने एक और चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं. वन विभाग एक तरफ राज्य में बटरफ्लाई का सर्वे करा रहा है और दूसरी तरफ उनका रहवास एरिया कम होता जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार बटरफ्लाई, रेप्टाइ, चिड़िया और कीट-पतंगों का 55000 हेक्टयर जंगल कम हो गया. यहीं पोलिनेटर रहते हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यदि बटरफ्लाई एरिया कम हो रहा है तो इसका असर आसपास के खेत और बगीचों के उत्पादन पर पड़ेगा. इसके अलावा कृषि वानिकी और विस्तार वानिकी का 28500 हेक्टयर एरिया भी कम हुए हैं.
 
भिंड और मुरैना ने बचाई लाज
जंगल महकमे के अफसरों की नजरों में सबसे बर्बाद जंगल भिंड और मुरैना जिलों के हैं. एफएसआई-21 की रिपोर्ट के अनुसार भिंड और मुरैना जिले के जंगलों का फॉरेस्ट कवर एरिया बढ़ गया है. भिंड और मुरैना जिले के संबंध में एफएसआई की रिपोर्ट अफसरों के गले नहीं उतर रही है. भिंड में 119.81 वर्ग किलोमीटर फॉरेस्ट कवर एरिया बढ़ा है. इसी प्रकार मुरैना जिले का फॉरेस्ट कवर एरिया 21.27 1 किलोमीटर बढ़ गया है.  जबकि 2019 की रिपोर्ट में भिंड जिले का फॉरेस्ट कवर एरिया 1.25 वर्ग किलोमीटर और मुरैना जिले का 1.83 वर्ग किलोमीटर फॉरेस्ट कवर एरिया कम हुआ था.