भोपाल। दस साल से कम सेवा होने बाद भी न्यायालय के आदेश पर जल संसाधन विभाग के एक मृत कर्मचारी के फैमिली पेंशन स्वीकृत की गई है।
जल संसाधन विभाग के कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी लाईट मशीनरी एवं वि/या उप संभाग सबलगढ़ में पदस्थ कार्यभारित हेल्पर किशनदास बैरागी की मृत्यु उपरान्त 10 वर्ष की सेवा पूर्ण न होने के कारण उसके परिवार को फैमिली पेंशन स्वीकृत नहीं किये जाने के कारण मृतक बैरागी की पत्नी जानकी बाई द्वारा पेंशन स्वीकृति हेतु उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के समक्ष रिट याचिका दायर की गई।
जिस पर परिवार पेंशन देने का निर्णय दिया गया। इस पर जल संसाधन विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2019 को पुन: अपील की गई लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा इसे भी खारिज कर दिया गया। विभाग ने इस बार सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में अपील की जो 1 जुलाई 2021 को खारिज हो गई। मृतक कर्मचारी की पत्नी ने अवमानना की याचिका दायर कर दी जो विवेचना में है।
इधर प्रमुख अभियंता जल संसाधन ने अभिमत दिया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपील खारिज किये जाने के पश्चात न्यायालय निर्णय का पालन किया जाना ही एक मात्र विकल्प है। वित्त विभाग ने भी यही अभिमत दिया। इस पर अब आदेश जारी कर दिवंगत कर्मचारी बैरागी की अधिकतम 10 वर्ष पेंशनरी सेवा मान्य कर ली गई तथा कुल सेवा अवधि 7 वर्ष 8 माह 26 दिन तथा दिवंगत कर्मचारी द्वारा दैनिक वेतन भोगी के रूप में दिनांक 1 अप्रैल 1980 से 5 मई 1990 तक 10 वर्ष 1 माह 3 दिवस की सेवा अवधि को दृष्टिगत रखते हुये परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए फैमिली पेंशन स्वीकृत कर दी गई। आदेश में यह भी कहा गया कि राज्य शासन द्वारा दी गई उक्त स्वीकृति को अन्य प्रकरणों में उदाहरण नहीं माना जायेगा।