केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी को उनकी लंबित मांगों को लेकर एक लिखित प्रस्ताव भेजा है, जिसमें सरकार की तरफ़ से कहा गया है कि पहले आंदोलन वापसी का ऐलान किया जाए उसके बाद मुकदमे वापस होंगे, एमएसपी को लेकर कमेटी बनाई जाएगी और सभी कों मुआवज़ा दिया जाएगा.

सिंघु बॉर्डर पर सरकार के इस प्रस्ताव पर दो घंटे से ज्यादा समय तक चली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में गहन चर्चा हुई. हालांकि सूत्रों का कहना है कि केंद्र के प्रस्ताव पर किसान नेताओं की राय अलग - अलग है. सूत्रों का कहना है कि केंद्र के लिखित प्रस्ताव में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा का कोई जिक्र नहीं है. प्रस्ताव पर पहले तो किसान मोर्चा के पांच सदस्यीय कमेटी ने आपस में चर्चा की उसके बाद इस मुद्दे पर बैठक में बातचीत की गई.

जानकारी के अनुसार कल इस पर संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर बैठक कर अपना बयान जारी करेगा. बैठक खत्म होने के बाद किसान नेता कुलवंत संधू ने बताया कि बैठक में अधिकतर मांगों पर सहमित बन गई है और कल किसान मोर्चा का जबाव आ जाएगा. हालांकि मेरा यह बयान किसान मोर्चा का आधिकारिक बयान नहीं है.