केंद्र और राज्य सरकारों ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की बात कहीं हैं। क्योंकि देश में कोरोना और ओमिक्रोन वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। फिलहाल देश में 15-18 साल के बच्चों को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है। इसी बीच एक और अच्छी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष डॉ एन.के अरोड़ा ने कहा कि मार्च से 12-14 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि देश में अब तक 15-18 वर्ष के तीन करोड़ से अधिक बच्चों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है।
अब तक लगभग 45% बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत ने महज 13 दिनों में यह मुकाम हासिल कर लिया है। भारत में 15-18 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण प्रक्रिया 3 जनवरी से शुरू हो गई है। डॉ. अरोड़ा ने कहा, "जनवरी के अंत तक 15 से 18 साल की उम्र के सभी बच्चो को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक मिलेगी। डॉ एन.के अरोड़ा के अनुसार, 'इसके बाद फरवरी की शुरुआत से हम बच्चो को दूसरी खुराक देना शुरू करेंगे और महीने के अंत तक सभी को वैक्सीन की दूसरी खुराक भी मिल जाएगी। फिर हम फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में 12-14 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू कर सकते हैं। साथ ही अब बूस्टर ख़ुराक में पांच मतदान राज्यों में तैनात मतदान कर्मचारी और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों कों वैक्सीन लग रही हैं।
टीकाकरण अभियान को पूरा हुआ एक साल :
देश में टीकाकरण अभियान को रविवार को एक साल पूरा हो गया। देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 156 मिलियन से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं। टीकाकरण अभियान की शुरुआत पिछले साल 16 जनवरी को देश में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाकर की गई थी।
इस एक साल में सरकार को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। एक ओर जहां टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाना एक बड़ी चुनौती थी, वहीं दूसरी ओर इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए काफी प्रयास करने पड़े थे।