अक्सर हम अपनी परेशानियों और बीमारियों का टिकरा भागदौड़ भरी जिंदगी पर फोड़ते हैं. पर एक विशेषज्ञों के अनुसार यह परेशानी हम खुद मोल लेते है. इनमें से एक है स्लीपिंग डिसऑर्डर. आंकड़ों की मानें तो केवल 26 फीसदी लोग ही 7 से 9 घंटे की नींद लेते हैं, जो कि स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है. नींद न पूरी होने से न सिर्फ हमारा स्वास्थ्य खराब होता है बल्कि हमारे कार्य क्षमता भी कमजोर होती है आज हम आपको कम नींद से होने वाले परेशानियों के बारे में पता नहीं जा रहे हैं. अगर हम पूरी नींद नहीं लेते है तो इसका सीधा असर हमारी मानसिक स्थिति पर होता हैं. पूरी नींद लेने से दिमाग को आराम मिलता है, जिससे अगले दिन सुबह दिमाग को नई ऊर्जा मिलती हैं . लेकिन नींद की कमी के कारण याददाश्त जैसे मानसिक समस्याएं आने लगते हैं. एक रिसर्च के अनुसार यह पाया गया है की, कम नींद लेने से शरीर के किडनी पर बुरा असर पड़ता हैं. इस रिसर्च में प्रतिदिन 5 घंटे सोने वाले महिला की तुलना में 8 घंटे सोने वाले महिलाओं किडनी की कार्यक्षमता अच्छा रहता हैं. कम नींद के कारण किडनी खराब हो सकती हैं. सात से आठ घंटे की नींद लेने से मस्तिष्क के तंतुओं को और शरीर के स्नायु को आराम मिलता हैं. जिससे शारीरिक थकान कम होकर शरीर को नई ऊर्जा मिलता हैं . वही अगर पूरी नींद न लेने से तनाव बढ़ता है, जिसकी वजह से शारीरिक कमजोरी होने लगती हैं.