यह एक गंभीर संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से दो से 10 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रभावित करता है। इस रोग के कारण बुखार, गले में खराश, ग्रंथियों में सूजन और कमजोरी होती है। इस संक्रमण का हृदय पर विशेष रूप से हानिकारक प्रभाव पड़ता है। कुछ रोगियों में, यह हृदय की धड़कन को भी बंद कर देता है, जिससे मृत्यु हो सकती है। हालांकि, शुरूआती लक्षण नजर आते ही आप घरेलू उपाय आजमाकर इससे बच सकते हैं। जानिए डिप्थीरिया के लक्षण और इससे बचाव के कुछ घरेलू उपाय...
डिप्थीरिया के लक्षण
- बहती नाक
- गले में खराश
- बुखार
- बीमार महसूस करना
डिप्थीरिया में फायदेमंद है लहसुन
डिप्थीरिया समेत कई बीमारियों के लिए लहसुन एक बेहतरीन घरेलू उपाय माना जाता है। इसके लिए आप नियमित रूप से लहसुन की तीन या चार कलियां चबाएं और फिर इसे निगल लें। आप रोजाना एक या दो चम्मच कुचले हुए लहसुन का सेवन भी कर सकते हैं।
अनानास का जूस भी है फायदेमंद
अनानास का रस दिन में कई बार पीने से डिप्थीरिया से छुटकारा मिल सकता है। जूस न केवल संक्रमण के लक्षणों में सुधार करता है, बल्कि इसमें बीटा कैरोटीन भी होता है, जो डिप्थीरिया के इलाज में मदद कर सकता है।
तुलसी के पत्तों से दूर किया जा सकता है डिप्थीरिया
तुलसी के पत्तों को कई बीमारियों का इलाज माना जाता है। दरअसल इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो श्वसन संक्रमण के इलाज में मदद करते हैं। तुलसी के पत्तों को पानी में डुबोकर पीने से डिप्थीरिया से छुटकारा मिलता है।
कोई घरेलू उपाय लेने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।