भोपाल। प्रदेश में अवैध कालोनियां रहवासियों से 50 प्रतिशत विकास शुल्क लेकर वैध की जा सकेंगी, विकास शुल्क की शेष 50 प्रतिशत राशि संबंधित नगरीय निकाय वहन करेगा। यह नया प्रावधान राज्य सरकार ने मप्र नगर पालिका कोलोनी विकास नियम 2021 में कर दिया है, जो जल्दी ही प्रभावशील कर दिया जायेगा।
नये प्रावधानों के अनुसार, प्रदेश की उन्हीं अवैध कालोनियों को वैध किया जायेगा जोकि 31 दिसम्बर 2016 के पूर्व अस्तित्व में आई हैं। ऐसी कालोनियों को वैध करने के लिये उन्हें चिन्हांकित किया जायेगा। जो अवैध कालोनियां किसी शासकीय भूमि या विकास प्राधिकरण/हाउसिंग बोर्ड/नगरीय निकाय की भूमि पर बनी हैं या स्टेट या नेशनल हाईवे के वर्जित क्षेत्र में बनी हैं अथवा सडक़, पार्कों, खेल मैदानों, सांस्कृतिक विरासत क्षेत्रों, नदी, नालियों के क्षेत्रों, आमोद-प्रमोद के क्षेत्रों तथा जल निकायों के क्षेत्रों में बनी हैं, तो उन्हें वैध करने कीि कार्यवाही नहीं की जायेगी।
नये प्रावधानों में कहा गया है कि अवैध कालोनियों को वैध करने के अंतर्गत उनमें विकास कार्य के लिये ऐसी कालोनियां जिन पर निम्न आय वर्ग के 70 प्रतिशत से अधिक निवासी रहते हैं, उनसे विकास शुल्क का न्यूनतम 20 प्रतिशत लिया जायेगा और शेष 80 प्रतिशत राशि संबंधित नगरीय निकाय द्वारा वहन की जायेगी।
इससे भिन्न कालोनियांं में रहवासियों से विकास शुल्क का 50 प्रतिशत वसूला जायेगा और शेष 50 प्रतिशत नगरीय निकाय वहन करेगी। दोनों तरह की कालोनियों में विकास शुल्क किश्तों में वसूलने की सुविधा भी दी जा सकेगी तथा ये किश्तेे पांच वर्ष में वसूल हो सकेंगी। सांसद या विधायक भी अपनी निधि से भी विकास शुल्क दे सकेंगे। ऐसी कालोनियों को भूमि बंधक रख बैंक से ऋण लेने की भी सुविधा दी जायेगी।