भोपाल। विश्व हिंदू परिषद आज से मप्र में नयी मुहिम शुरू कर रहा है। उसने मतांतरण के खिलाफ सड़कों पर उतरने का एलान कर दिया है। खास बात यह है कि विहिप की नजर मप्र के पांच जिले बैतूल, सागर, झाबुआ, सतना और जबलपुर जिलों पर है। विहिप की नजर मे यहजिले मतांतरण के अड्डे हैं।
विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे का कहना है कि 'धर्म रक्षा अभियान' 31 दिसंबर तक चलेगा क्योंकि मतांतरण देशव्यापी विभीषिका है। इसे देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें मतांतरण रोकने के लिए कठोर कानून बनाएं और जिहादियों एवं मिशनरी की हिन्दू द्रोही गतिविधियों पर लगाम लगाएं।
उन्होंने कहा किभय, लालच या धोखे से मतांतरण करवाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने का समय आ गया है। परांडे ने आरोप लगाया किकोरोना काल में धार्मिक और सामाजिक संगठन सेवा में लगे थे, तब षडयंत्रकारी मतांतरण करा रहे थे। पिछड़ी बस्तियों और वनवासियों को लक्ष्य करके यह काम किया गया। इसका पता कोरोना संक्रमण कम होने के बाद चला। वे कहते हैं किमिशनरी खुद स्वीकार कर रहे हैं किजितने चर्च कोरोना काल में खोले गए उतने पिछले 25 सालों में नहीं खुले। उन्होंने कहा किमध्य प्रदेश के बैतूल, सागर, झाबुआ, जबलपुर और सतना मतांतरण के अड्डे हैं। वहीं इंदौर, भोपाल, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर और जबलपुर में बढ़ती हुई इस्लामिक आक्रामकता साफ दिखाई दे रही है।
विहिप ने कहा है किजिन राज्यों ने लव जेहाद या मतांतरण रोकने के कानून नहीं बनाए हैं, वे जल्द बनाएं। साधुसंत और समाज का नेतृत्व करने वाले मतांतरण कराने वालों को लेकर लोगों को जागरुक करें और मतांतरण रोकें। ऐसा कर लोगों को वापस मुख्य धारा में लाएं।
जनसभाएं होंगी, साहित्य बांटेंगे
विहिप अपने मुहिम के तहत 23 दिसंबर को धर्म रक्षा दिवस मनाएगी तथा मतांतरण के षड़यंत्रों को जनसभा, जनजागरण कर उजागर करेगी। सभाओं में संबंधित साहित्य बांटा जाएगा और इंटरनेट मीडिया पर भी प्रचार किया जाएगा। ताकिहिंदू समाज उनके हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी कृत्यों को समझे और आगे बढ़कर रोक लगाए।