भोपाल. नए साल में दो पीसीसीएफ सहित 26 आईपीएस अधिकारी सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. इनमें 10 अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी है. यही नहीं, वन विभाग के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव नजर आएंगे. प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय सतपुड़ा में बैठने वाले अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षकों की जगह पर डीएफओ स्तर के अधिकारी बैठे नजर आएंगे.
वन विभाग में 33 साल बाद यह बदलाव देखने को मिलेगा. इसकी वजह यह है कि सेवा शर्तों के मुताबिक मुख्य वन संरक्षक स्तर के आईएफएस प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत नहीं हो सकेंगे. यानी मुख्य वन संरक्षक से अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट होने के लिए 16 साल की सेवाएं आवश्यक है. वर्ष 2022 में बड़ी संख्या में प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी रिटायर्ड हो रहे हैं. ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश कैडर में ऐसे अधिकारियों की कमी हो जाएगी, जो सेवा शर्तों के मुताबिक 16 वर्ष की सेवाएं पूर्ण करता हो. अधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 की स्थिति में वन विभाग के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव होने की संभावना है. नए साल में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों के अभाव होने की वजह से मुख्यालय में डीएफओ स्तर के अधिकारियों को पदस्थ करने पर मंथन किया जा रहा है. 1989 प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय पर डीएफओ स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना होती रही थी.
दबाव पर पद अपग्रेड होते रहे
1989 के बाद सत्ता के साकेत में दखल रखने वाले आईएफएस अफसरों का बैच अपनी सुविधा के अनुसार पर अपग्रेड करते चले गए. यानी सीएफ से सीसीएफ और फिर एपीसीसीएफ स्तर के पद अपग्रेड होते रहे. ऐसे में स्थिति यह बन गई है कि सीसीएफ स्तर के अधिकारी कम पड़ गए और उनकी जगह पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना करनी पड़ रही है. वर्ष 2022 में परिस्थिति बदलती नजर आ रही है. संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पर चल रहे मंथन के अनुसार अनुसंधान एवं विस्तार शाखा में अभी तक मुख्य वन संरक्षक सर के अधिकारियों की पदस्थापना की जाती रही है पर 2022 में सीसीएफ के पद की जगह पर सीएफ की पदस्थापना की जाएगी. 16 सर्किल में मुख्य वन संरक्षक स्तर के अधिकारी ही बने रहेंगे. अधिकारियों की कमी के चलते सीनियर वन संरक्षक स्तर के अधिकारी को सीसीएफ का प्रभार दिया जा सकेगा.
केरमन को पीसीसीएफ बनाने का प्रस्ताव
जनवरी 2022 में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी आलोक कुमार और केरमन प्रधान मुख्य वन संरक्षक ग्रीन इंडिया मिशन सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. केंद्र सरकार में प्रधान मुख्य वन संरक्षक के 3 पद बढ़ाने के औचित्य पर सवाल उठने के बाद वन विभाग सेवानिवृत्त होने के पहले केरमन को प्रधान मुख्य वन संरक्षक पद पर प्रमोट करना चाहता है. इस आशय का प्रस्ताव विभाग ने राज्य शासन को भेज दिया है. जंगल विभाग इकलौता ऐसा विभाग है, जहां आईएफएस अफसरों को सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन तक प्रमोट होने की संभावनाएं बनी रहती हैं. विभाग में एके जैन को दो-तीन घंटों के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट किया गया था. जबकि गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने का प्रलोभन देने वाले वाय सत्यम को सेवानिवृत्ति की फेयरवेल होने के बाद उन्हें प्रमोट किए जाने के आदेश प्रसारित हुए. अब यही प्रक्रिया रमन के प्रस्ताव में अपनाया जा रहा है.
फैक्ट फाइल - 2022 में रिटायर्ड अफसरों स्थिति में
पीसीसीफ - 02
एपीसीसीएफ- 10
सीसीएफ- 09
सीएफ एवं डीएफओ - 26