भोपाल: राज्य के स्वास्थ्य संचालक रवीन्द्र कुमार चौधरी ने सभी जिलों के सीएमएचओ को निर्देश दिये हैं कि सीरो पाजिटिव (हेपेटाईटिस बी एवं सी तथा एचआईवी) संक्रमित मरीजों की डायलिसिस सावधानी के साथ सरकारी मेडिकल कालेजों में की जाये।
निर्देश में संचालक ने बताया है कि वर्तमान में प्रदेश में दो केंद्रों जिला चिकित्सालय भोपाल एवं इंदौर हुकुमचन्द चिकित्सालय में सीरो मरीजों के डायलिसिस की सुविधा है। केंद्र की गाईडलाईन के अनुसार, सीरो रोगी के डायलिसिस उपचार के दौरान संक्रमण फैलने का खतरा 3 से 30 प्रतिशत तक संभावित है। इसलिये अन्य जिला चिकित्सालयों में सीरो रोगियों की डायलिसिस का विस्तार नहीं किया जा सकता है।
इसलिये अब सरकारी मेडिकल कालेजों में ही इनकी डायलिसिस की जा सकेगी। इसके लिये पृथक मशीनों का उपयोग किया जाये। ऐसे मरीजों को अलग कक्ष में रखा जाये। डायलिसिस करने वाला स्टाफ सीरो पाजिटिव मरीजों और नान सीरो पाजिटिव मरीजों का एक ही समय में एक साथ उपचार न करें। सीरो पजिटिव मरीजों की डायलिसिस के समय स्टाफ सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।