प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंधमारी की जांच के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से गठित तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार को दिल्ली से फिरोजपुर पहुंची. इतना ही नहीं, टीम उस जगह भी गई, जहां 15-20 मिनट तक पीएम मोदी का काफिला रुका था. टीम ने फिरोजपुर एसएसपी व डीआईजी को पूछताछ के लिए भी बुलाया. इसके बाद गृह मंत्रालय की टीम ने पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को भी बुलाया. उनसे बीएसएफ कैंप में पूछताछ की गई. सुरक्षा सचिव सुधीर कुमार को गृह मंत्रालय समिति में कैबिनेट सचिवालय का अध्यक्ष बनाया है. गृह मंत्रालय की टीम में आईबी के संयुक्त निदेशक बलवीर सिंह और एसपीजी के सीईओ एस. सुरेश शामिल हैं.
पीएम की सुरक्षा में हुई चूक :
पीएम मोदी बुधवार को पंजाब के दौरे पर थे. यहां रास्ते में कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक लिया. उसके बाद यहां पीएम मोदी का काफिला करीब 15-20 मिनट रुका. इसे पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक बताया जा रहा है. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए पंजाब सरकार की ओर से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने दी जांच की सलाह :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा उल्लंघन मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस बीच, शीर्ष अदालत ने राज्य और केंद्र को मामले की जांच के लिए एक संयुक्त समिति बनाने की सलाह दी. हालांकि केंद्र और पंजाब सरकार ने सुनवाई के दौरान एक-दूसरे की जांच कमेटी पर सवाल उठाए. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी रिकॉर्ड पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास रखे जाएं. जांच में एनआईए भी शामिल होगी. मामले में अगली सुनवाई सोमवार को तय की गई है.
पंजाब सरकार ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट :
पंजाब सरकार ने गुरुवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपना जवाब भेज दिया. बताया जाता है कि पंजाब के मुख्य सचिव ने पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के कारणों के तथ्यों के साथ जवाब भेजा है. फिरोजपुर में पीएम सुरक्षा में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के बाद रिपोर्ट तैयार की गई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएम के दौरे का पूरे पंजाब में विरोध हो रहा था. विरोध के जवाब में और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था. बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन उस जगह अचानक हुआ.