भोपाल। प्रदेश की कृषि उपज मंडियां अब उनके प्रांगण में अनाज आदि की खरीदी करने वाले व्यापारियों को छह सप्ताह में लायसेंस देना जरुरी होगा, यदि इस अवधि में नहीं देती है तो मान लिया जायेगा कि लायसेंस दे दिया गया है।

राज्य मंडी बोर्ड के आयुक्त विकास नरवाल ने इस संबंध में सभी कृषि उपज मंडी समितियों के सचिवों से कहा है कि मंडी अधिनियम के तहत मंडी के व्यापारियों को अनुज्ञप्ति मंजूर या नवीनीकरण करने के लिये मंडी समिति सशक्त है। इस अधिकार के तहत मंडी समिति, अभिलिखित किये जाने वाले कारणों के आधार पर, अनुज्ञप्ति मंजूर करने या उसका नवीनीकरण करने से इंकार कर सकेगी।

उक्त प्रावधान के अनुसार, यदि मंडी समिति अनुज्ञप्ति की मंजूरी या उसके नवीकरण के आवेदन पत्र प्राप्त होने की तारीख से छ: सप्ताह के भीतर अनुज्ञप्ति मंजूर करने में या अनुज्ञप्ति का नवीकरण करने मे चूक करती है तो यह समझा जायेगा कि अनुज्ञप्ति यथास्थिति मंजूर कर दी गई है या उसका नवीकरण कर दिया गया है। यदि किसी आवेदक के विरूद्व मंडी समिति के शोध्य, जिसके अंतर्गत मध्य प्रदेश निराश्रितों एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम, 1970 के अधीन शोध्य भी आते है, बकाया है तो अनुज्ञप्ति नवीकृत नहीं की जायेगी।
कोई भी अनुज्ञप्ति किसी अव्यस्क को मंजूर नही की जायेगी। इन प्रावधानों का पालन किया जाये।