उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को एक जनसभा के दौरान उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना को सरदार पटेल और महात्मा गांधी की तरह आजादी का नायक बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बयान को शर्मनाक और तालिबानी मानसिकता वाला बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान के बाद अखिलेश से माफी मांगने को कहा है।
कल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश तोड़ने वाले जिन्ना से राष्ट्र को जोड़ने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की तुलना की।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 1, 2021
यह बेहद शर्मनाक कृत्य है। प्रदेश की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। pic.twitter.com/0EukNKYE0B
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कल जिन्ना की तुलना सरदार पटेल से की है। यह हमारे देश के लिए शर्म की बात है। यह तालिबान की मानसिकता है जो बंटवारे में यकीन रखते हैं। सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोया। अखिलेश को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस कृत्य के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। pic.twitter.com/pD9mtY66g7
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 1, 2021
यूपी के मंत्री मोहसिन रजा ने भी अखिलेश यादव के बयान को अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता करार दिया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। मोहसिन रजा ने कहा, ''जिन्ना ने देश को दो हिस्सों में बांटने का काम किया है। ऐसे में उसकी महिमा कैसे गाई की जा सकती है ?'' आगे कहा, ओवैसी हो या अखिलेश, दोनों ही मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं।

हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरदार पटेल जमीन को जानते थे और जमीन को देखकर निर्णय लेते थे, उन्हें लौह पुरुष के रूप में जाना जाता था क्योंकि उन्होंने जमीन देखकर ही निर्णय लिया था। सरदार पटेल जी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना ने एक ही संस्थान में अध्ययन किया और बैरिस्टर बन गए। एक ही स्थान पर छात्र। वे बैरिस्टर बने, उन्होंने आजादी दी और किसी भी तरह से संघर्ष करना पड़ा तो वे पीछे नहीं हटे।