चीन में सरकार के विरोधियों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। एक उदाहरण अलीबाबा ग्रुप के संस्थापक जैक मा हैं। विरोध प्रदर्शन में उनके समूह को 344 अरब (लगभग 25,52,567 करोड़ रुपये) खर्च हुए। चीनी सरकार पिछले साल से एकाधिकार विरोधी नियमन को लेकर विवादों में घिरी हुई है।
पिछले साल अक्टूबर में जैक मैना ने चीन की वित्तीय व्यवस्था की भी आलोचना की थी। इसके बाद अलीबाबा ग्रुप की खराब शुरुआत हुई और साथ ही जैक मा गायब हो गए। उसके बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। वर्तमान जानकारी के अनुसार, वह हांगकांग में रहता है और विदेश यात्रा भी कर चुका है।
चीनी नीति की आलोचना पिछले साल अक्टूबर में, उन्होंने चीन के शंघाई में चीन के वित्त निदेशक और राज्य के स्वामित्व वाले बैंक की आलोचना की।
उन्होंने बेसल समझौते पर भी सवाल उठाए। बीजिंग ने अलीबाबा पर एक अविश्वास जांच जांच शुरू करके 2.8 बिलियन अमरीकी डालर का जुर्माना भी लगाया। चीनी राज्य मीडिया ने जैक मा के खिलाफ ऑनलाइन अभियान चलाया। आपकी छवि एक क्रूर, धनी शैतान की है। मार्केट कैप में भारी गिरावट जैक मा के नेतृत्व में एक चीनी प्रौद्योगिकी दिग्गज अलीबाबा ने एक वर्ष में अपने बाजार पूंजीकरण में लगभग 4 344 बिलियन की गिरावट देखी है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह दुनिया में किसी कंपनी के बाजार पूंजीकरण में सबसे बड़ी गिरावट है।