धर्म संसद में महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में संत कालीचरण को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले उनके लापता होने की सूचना मिली थी। अभी मिली जानकारी के अनुसार रायपुर पुलिस ने संत कालीचरण को खजुराहो से गिरफ्तार किया है। उसे रायपुर पुलिस ने खजुराहो से गिरफ्तार किया और अब आरोपी कालीचरण को रायपुर लाने की कार्यवाही की जा रही है।
कालीचरण महाराज के खिलाफ रायपुर समेत देश के कई हिस्सों में महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले दर्ज किए गए थे। कल शाम को ही कालीचरण महाराज के रायपुर से भागने की खबर आई थी। इसके बाद रायपुर पुलिस ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में तलाशी अभियान शुरू किया। कालीचरण महाराज के खिलाफ रायपुर में धारा 505 (2) और धारा 294 के तहत मामला दर्ज किया गया था। रायपुर के पूर्व महापौर और वर्तमान अध्यक्ष प्रमोद दुबे ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
#WATCH Raipur Police arrests Kalicharan Maharaj from Madhya Pradesh's Khajuraho for alleged inflammatory speech derogating Mahatma Gandhi
— ANI (@ANI) December 30, 2021
(Video source: Police) pic.twitter.com/xP8oaQaR7G
कालीचरण ने क्या कहा ?
रायपुर में आयोजित धर्म संसद में कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के जरिए देश पर कब्जा करना है। उन्होंने 1947 में हमारी आंखों के सामने ईरान पर कब्जा कर लिया। उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया। मैं नाथूराम गोडसे को नमन करता हूं कि उन्होंने उसे मार डाला। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें सरकार में एक ऐसा कट्टर नेता चुनना चाहिए जो हिंदू धर्म की रक्षा करे।
महंत रामसुंदर दास हुए थे नाराज :
जब कालीचरण दास ने महात्मा गांधी का अपमान किया तो धर्म संसद के मुख्य संरक्षक महंत रामसुंदर इस बयान के बाद गुस्से में मंच से चले गए। छत्तीसगढ़ के दूधाधारी मंदिर के महंत रामसुंदर दास ने इसका तुरंत विरोध किया और कहा कि महात्मा गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया जा सकता। मैं महात्मा गांधी के लिए अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का विरोध करता हूं। यह सनातन धर्म नहीं है और धर्म संसद जैसे मंच पर ऐसा नहीं होना चाहिए। मैं आयोजकों से पूछना चाहता हूं कि जब इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था तो आपको बुरा क्यों नहीं लगा।