राज्य के विभिन्न कछार कौन से है..
कछार:- राज्य के विभिन्न नदी कछारों में सतही जल की उपलब्धता 75 प्रतिशत विश्वसनीयता पर 81500 मिलीयन घन मीटर है। इसमें से 56800 मिलियन घन मीटर प्रदेश को आवंटित है। शेष 24700 मिलियन घन मीटर जल अंतरराज्यीय समझौते के अंतर्गत पड़ोसी राज्यों को आवंटित है। प्रदेश में भूगर्भीय जल की मात्रा 34159 मिलियन घन मीटर आंकलित है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार है कि यहां से निकलने वाली नदियां विभिन्न राज्यों से होती हुई समुद्र में मिलती है। वैसे भौगोलिक रचना के अनुसार प्रदेश को 5 बड़े नदी कछारों में बांटा जा सकता है।
राज्य के विभिन्न कछार इस प्रकार हैं:-
1. गंगा यमुना कछार गंगा और यमुना का संयुक्त नदी तंत्र राज्य का सबसे बड़ा नदी तंत्र है। जो राज्य के 2,02,070 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यह दोनों की नदियां न तो राज्य से उद्गमित होती हैं और न ही प्रवाहित इस कछार के तहत राज्य के 30 जिले पूर्णतया या आंशिक तौर पर आते है। गंगा कछार की महत्वपूर्ण नदियां सोन, टोंस, चंबल, कुंवारी सिंध, जामनी, धसान और केन आदि है।
2. नर्मदा कछार नर्मदा कछार, राज्य का दूसरा बड़ा कछार है। नर्मदा का कुल कछार 98796 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से 85859 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र (87 प्रतिशत) मध्यप्रदेश में है। नर्मदा का शेष कछार क्षेत्र में से 1538 वर्ग किलोमीटर महाराष्ट्र और 11,399 वर्ग किलोमीटर गुजरात में है।
मध्यप्रदेश में नर्मदा कछार के तहत अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल, रायसेन, सीहोर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, इंदौर, धार, झाबुआ, और अलीराजपुर जिले आते हैं। इसके साथ गुजरात के पंचमहल वडोदरा, नर्मदा भरूच, समरदा छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, कवर्धा और महाराष्ट्र का धूलिया जिला नर्मदा कछार के तहत आता है। इस नदी तंत्र को पोषित करने वाली महत्वपूर्ण नदियां शक्कर, दूधी, तवा, बारना, गोई, कुण्डी, माचक, हाथनी, बाघ, कोलार, जमनेर और हिरण आदि नदियां है।
3. गोदावरी कछार गोदावरी नदी तंत्र राज्य का तीसरा बड़ा कछार है। गंगा यमुना की तरह यह नदी भी राज्य से उद्गमित या प्रवाहित नहीं होती है। यह कछार राज्य के 633 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। गोदावरी कछार को राज्य की जो नदियां जलपूरित करती हैं। वे हैं पेंच, कान्हेर, वर्धा, बैनगंगा आदि।
4. ताप्ती कछार राज्य का चौथा बड़ा नदी तंत्र है जो राज्य के 9,800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। ताप्ती नदी इस कछार की सबसे बड़ी नदी है। जो राज्य के बैतूल जिले के मुलताई से उद्गमित होती है। यह नदी पश्चिम की तरफ प्रवाहित होकर अरब सागर में समाहित हो जाती है। इस नदी तंत्र की महत्वपूर्ण नदियां अम्बोरा, पूर्णा, कन्हार और कनेर आदि है।
5. माही कछार माही कछार इस नदी तंत्र की सबसे बड़ी नदी माही के नाम पर है। माही नदी राज्य के धार जिले से उद्गमित होकर राजस्थान और गुजरात होते हुए अरब सागर में समा जाती है। माही कछार राज्य के 6,700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित है। इस नदी तंत्र की महत्वपूर्ण नदी अनास, जामार और लारकी आदि है।
स्रोत: 1. जल संसाधन विभाग के विभिन्न प्रकाशनों के अनुरूप.
2. जल संसाधन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन 2017-18.