भोपाल: फ्री फायर समेत कई ऑनलाइन गेमिंग के कारण बच्चों की आत्महत्या जैसी घटनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही ऑनलाइन गेमिंग कंट्रोल एक्ट लागू करने जा रही है. इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है. इसे फरवरी-मार्च 2022 में विधानमंडल के प्रस्तावित बजट सत्र में पेश किया जाएगा. अगर कानून लागू होता है तो ऑनलाइन गेमिंग का संचालन करने वाली कंपनियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकती है.

कानून के बाद बिना अनुमति के ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी. दरअसल, फ्री फायर जैसे ऑनलाइन गेम की वजह से कई घटनाएं हो चुकी हैं. भोपाल के शंकराचार्य नगर निवासी 11 वर्षीय सूर्यांश ओझा ने बुधवार को घर में फांसी लगा ली. सूर्यांश को फ्री फायर गेम खेलने की लत लग चुकीं थी. गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह गंभीर मामला है. इस तरह के खेल से दुखद बातें सामने आ रही हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही कानून बनाया जाएगा.

खुद के अपहरण की रची झूठी कहानी :

उज्जैन के जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक किशोर ने एक मोबाइल गेम में 1500 रुपये खर्च कर खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी. रुपये खर्च करने के बाद अपने माता-पिता की फटकार के कारण वह घर छोड़ कर इंदौर चला गया।

गेम खेलने के दौरान हुई मौत :

देवास में 11वीं के छात्र की मोबाइल पर गेम खेलने के दौरान मौत का मामला भी सामने आया है। खेल खेलने के दौरान वह बिस्तर पर गिर गया और जब परिजन उसे अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।