भोपाल: राज्य के आबकारी विभाग ने प्रदेश में शराब की डिस्टीलरियों पर एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है। यह उत्पाद सिर्फ स्टेण्ड अलोन इकाईयां (ऐसी स्वतंत्र इकाईयां जिन्हें सिर्फ एथेनॉल बनाने की अनुज्ञप्ति है) ही बना सकेंगी।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पैट्रोल में एथेनॉल का बीस प्रतिशत तक मिश्रण करने की नीति जारी की हुई है तथा इसके अनुक्रम में राज्य सरकार ने उद्योग विभाग के माध्यम से एथेनॉल एवं जैव ईंधन प्रोत्साहन योजना जारी की हुई है। राज्य के आबकारी विभाग ने नये दिशा-निर्देश जारी करते हुये कहा है कि आबकारी नियमों में प्रावधान है कि शराब की डिस्टीलरियां अपने परिसर में केवल स्प्रिट का निर्माण एवं भण्डारण कर सकती हैं तथा अन्य किसी प्रकार का व्यवसाय नहीं कर सकती हैं। एथेनॉल शराब की श्रेणी में नहीं आता है और इसलिये डिस्टीलरी को पैट्रोल में मिलाये जाने वाले एथेनॉल के निर्माण एवं भण्डारण की अनुमति नहीं होगी।

विभाग ने यह भी कहा है कि एथेनॉल निर्माण के लिये आबकारी विभाग से किसी प्रकार की अनुमति लेने की आवश्यक्ता नहीं है लेकिन ऐसी स्टेण्ड अलोन इकाईयों को अपनी स्थापना की सूचना आबकारी विभाग को देनी होगी। ऐसी स्वतंत्र इकाईयों को ही प्रोत्साहन योजना  के तहत लाभ मिल सकेगा।