भोपाल

हड़ताल खत्म कराने को लेकर पहले दिन सोमवार शाम को अधिकारियों का एक दल वितरण कंपनियों के चेयरमैन और आईएएस विवेक पोरवाल से मिला था। जिसमें पोरवाल ने हड़ताल कर रहे अधिकारी कर्मचारियों को दो टूक समझा दिया है। कहा है कि तीनों वितरण कंपनियों को सरकार से 27 हजार करोड़ रुपये लेने हैं। यह राशि सब्सिडी की है। जब तक यह राशि नहीं मिल जाती, तब तक महंगाई भत्ता, वेतन वृद्धि के एरियर की राशि जैसे लाभ नहीं दे सकते। तीनों कंपनियां घाटे से गुजर रही हैं। करोड़ों का राजस्व वसूली बकाया है। किसी भी तरह का लाभ रोकना नहीं चाहते, लेकिन लाभों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त राशि भी नहीं है। ऐसे में दूसरे जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं।

यह जानकारी हड़ताल बुलाने वाले यूनाइटेड फोरम के संयोजक वीकेएस परिहार व अन्य ने दी हैं। वीकेएस परिहार व प्रतिनिधि मंडल में शामिल अन्य अधिकारी कर्मचारियों ने बताया कि विवेक पोरवाल से हुई चर्चा बेनतीजा रही है। हड़ताल जारी बिजली व्यवस्था बिगड़ती है तो सरकार और बिजली कंपनियां जिम्मेदार होंगी। दूसरे दिन की हड़ताल के कारण दोपहर तक भोपाल समेत आसपास के जिलों में सुधार कार्य प्रभावित हुए हैं। सोमवार को भोपाल समेत प्रदेश भर के कई जिलों में उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा था। मामूली सुधार कार्य लंबे इंतजार के बाद हुए थे। हड़ताल जारी रही तो मुश्किलें बड़ सकती हैं।

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भत्ता व वेतन वृद्धि का लाभ रोकने से बढ़ी नाराजगी

बिजली अधिकारी कर्मचारियों में दीपावली पूर्व महंगाई भत्ता, वेतन वृद्धि के एरियर की राशि का लाभ रोकने से नाराजगी बढ़ी है। इसके अलावा पांच सूत्रीय लंबित मांगों को पूरा नहीं करने से भी पूर्व से नाराज है। हडताल बिजली कर्मचारी संगठनों के यूनाइटेड फोरम ने बुलाई है। संयोजक वीकेएस परिहार ने मंगलवार को हड़ताल के जारी रहने की पुष्टि की है।