भोपाल. मप्र के खंडवा संसदीय क्षेत्र सहित पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में मतदाताओं ने जिस तरह प्रतिशत हुआ है जबकिपृथ्वीपुर सीट पर 78.14 मतदाताओं ने मत डाल दिये हैं। यह 2018 के चुनाव के मुकाबले मात्र डेढ़ फीसद कम रहा। जोबट में 53.30 फीसद और रैगांव में 69.21 फीसद मतदान हुआ।

लोगों ने अपने मताधिकार का जमकर उपयोग किया है, उसकी करवट को भांपने में भाजपा और कांग्रेस जुटे हैं। 

मतदान की यही प्रतिशत दोनों दलों की धड़कनें बढ़ा रहा है। दरअसल वजह यह है कि आमतौर पर उपचुनाव में इतना ज्यादा मतदान आमतौर पर नहीं होता है। परंपरागत रूप से खंडवा संसदीय क्षेत्र और रेगांव विधानसभा क्षेत्र भाजपा के कब्जे में रहे हैं, जबकिजोबट और पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के गढ़ माने जाते हैं। चारों सीटें सदस्यों के निधन की वजह से रिक्त हुई थी। अब मतगणना दो नवंबर को  होगी। बताया जाता है कि इन चुनाव क्षेत्रों में सात बजे से थोड़ी धीमी गति से मतदान प्रारंभ हुआ, मगर इसकी गति बढ़ती गई। शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के बाद भी कुछ केंद्रों में लाइन लगी रहीं। पृथ्वीपुर में मतदान को प्रभावित करने की शिकायत दिनभर भाजपा और कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में की जाती रही।

इधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण रहा कहीं से भी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई। 65 वोटिंग मशीनों में आई खराबी सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से पहले माकपौल हुआ। इस दौरान 65 वोटिंग मशीनों में खराबी आई। इन्हें बदलकर मतदान कराया गया, वहीं मतदान के दौरान 13 वोटिंग मशीनें खराब हुई इसी तरह माकपोल में 32 और मतदान के समय आ कंट्रोल यूनिट में खराबी आई कुल 83 वीवीपैट में खराबी आने पर इन्हें बदला गया।

बढ गई शिकायतें

मतदान के दौरान भाजपा और कांग्रेस की और से 50 से ज्यादा शिकायतें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कायालय को की गई। इसमें अधिकतर पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित रही। भाजपा की ओर से जहां 2.1 शिकायत की गई. वहीं कपोरा ने 31 शिकायत की।

खंडवा में नाराज मतदाता !

खंडवा लोकसभा उपचुनाव में मतदाताओं का नया रूख सामने आया है। इसमें कई स्थानों पर मतदाताओं ने वोट नहीं देने का खुलकर ऐलान किया यह लोग अपनी पुरानी समस्याओं का शिकवा कर रहे थे। खास बात यह है किड्स संसदीय क्षेत्र के बागली, खंडवा, पंचाना, मधाता बुरहानपुर, नेपानगर बडवाह और भीकनगाव में 63.88 फीसद मतदान हुआ। यह मत चुनाव (76.91 फीसद) से कम है। कई  इलाकों में पहले भी ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों को गाव में नहीं घुसने दिया।