नई दिल्ली: प्रसिद्ध भारतीय इतिहासकार और लेखक बाबासाहेब पुरंदरे का सोमवार सुबह पुणे के दीनानाथ मंगेशकर मेमोरियल अस्पताल में निधन हो गया। वह 99 साल के थे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पुरंदरे को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उसके बाद से उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। पता चला कि बाबा पुरंदर अपने घर के बाथरूम में गिरे थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनके निधन पर देशभर के फैंस ने शोक जताया है।
बाबा पुनदारे कौन थे ?
बाबासाहेब पुरंदर देश के लोकप्रिय इतिहासकार-लेखक और थिएटर कलाकार भी थे। वह छत्रपति शिवाजी महाराज पर अपनी विशेषज्ञता के लिए प्रसिद्ध हैं। बाबा पुरंदरे ने शिवाजी के जीवन, उनके प्रशासन और अपने समय के किलों पर कई किताबें लिखी हैं। इसके अलावा, उन्होंने छत्रपति के जीवन और नेतृत्व शैली - जनता राजा पर एक लोकप्रिय नाटक का भी निर्देशन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख :
बाबा पुरंदरे के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा, "बाबासाहेब का काम प्रेरणादायक था।" जब मैं पुणे की यात्रा पर गया तो मैंने उनका नाटक जनता राजा देखा, जो छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित था। बाबासाहेब जब अहमदाबाद आते थे तब भी मैं उनके कार्यक्रमों में शामिल होने जाता था।'
मला शब्दातीत दुःख झाले आहे.बाबासाहेब पुरंदरे यांच्या निधनाने इतिहास आणि संस्कृतीच्या विश्वात कधीही भरून न निघणारी पोकळी निर्माण झाली आहे. येणाऱ्या पिढ्यांना छत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या कार्याशी जोडल्याबद्दल त्यांचे आपण सदैव ऋणी राहू.त्यांनी केलेले इतर कार्य ही स्मरणात राहील pic.twitter.com/B6GeqH1Shk
— Narendra Modi (@narendramodi) November 15, 2021