भोपाल। प्रदेश के सरकारी कालेजों के आडिट में अनेक गड़बडिय़ां सामने आई हैं। उच्च शिक्षा आयुक्त ने इन गड़बडिय़ों को दूर करने के लिये सभी संभागों के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों की वर्चुअल बैठक बुलाई थी,ये राज उस बैठक से उजागर हुए।
आडिट में ये पाई गईं गड़बडिय़ां :
- जनभागीदारी मद की रोकड़बही में अन्य मदों की राशियों की प्रविष्ट की गईं एवं अन्य मदों की रोकड़ बही शासन निर्देशानुसार संधारित नहीं की गई।
- महाविद्यालय में छात्र/छात्राओं से प्राप्त शुल्क की मदवार राशि की प्रविष्टी संबंधित मद की रोकड़बही के आय पक्ष में प्रविष्टी न कर जनभागीदारी मद में समस्त प्राप्त शुल्क रखा गया।
- पीडी रोकड़बही संधारित नहीं की गई एवं पीडी पासबुक का कोषालय से मिलान नहीं किया गया।
- जनभागीदारी एवं स्ववित्त, यूजीसी, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा), वल्र्ड बैंक, पीडी खाता (समेकित अन्य समस्त निधियां) अलग-अलग संधारित नहीं की गईं।
- प्रदेश के महाविद्यालयों में छ: माह से अधिक स्वीकृत किये गये अग्रिमों को दीर्घ समय तक समायोजन नहीं किया गया।
- एएफ फण्ड के अंतर्गत प्रतिवर्ष 30 जून को रोकड़बही में शेष समस्त राशि की सावधि जमा नहीं किया गया एवं 5 प्रतिशत रिर्जव फण्ड की राशि जमा नहीं की गई।
- छात्र/छात्राओं द्वारा महाविद्यालय छोडऩे के 3 वर्ष उपरांत भी कॉशनमनी वापस नहीं हो सकी, कॉशनमनी शासन के नियमानुसार राजसात कर शासकीय कोष में जमा नहीं की गई।