भोपाल: प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि वे सभी विभागों को ताकीद करें कि वे अपने निर्माण कार्य लोनिवि के अंतर्गत गठित प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेंशन यूनिट के माध्यम से ही करायें, न कि स्वयं से चयनित कर अन्य एजेन्सी से। उन्होंने इस संबंध में 2 अगस्त 2021 को जारी सामान्य प्रशासन विभाग के सर्कुलर भी उल्लेख किया है जिसमें पीआईयू से ही निर्माण कराये जाने का उल्लेख है।
दरअसल, मंत्री भार्गव ने यह पत्र इसलिये लिखा है कि राज्य सडक़ विकास निगम को लोनिवि से हटाकर लोक परिसम्पत्ति विभाग को दे दिया गया है। यह निगम प्रदेश की सभी मुख्य एवं बड़ी सडक़ों का निर्माण करता है। इसे वापस लेने के लिये मंत्री भार्गव ने सीएम से आग्रह किया था, लेकिन वह मंजूर नहीं हुआ। इधर वन विभाग द्वारा भोपाल में अपना वन मुख्यालय राज्य पर्यटन निगम से बनवाये जाने एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भी अपने निर्माण कार्य अन्य एजेन्सियों से कराया जा रहा था। इससे लोनिवि के पीआईयू की अहमियत खत्म हो रही थी। इस पर लोनिवि को महत्व देने के लिये जीएडी ने 2 अगस्त 2021 को सभी विभागों को सर्कुलर जारी कहा कि वे एक करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य पीआईयू के माध्यम से ही करायें लेकिन जिन विभागों के पास अपनी निर्माण एजेन्सी हैं (जिनमें इंजीनियर तैनात हैं जैसे बीडीए, हाउसिंग बोर्ड आदि), उन्हें पीआईयू से निर्माण कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। सर्कुलर में यह भी कहा गया कि यदि कोई विभाग पीआईयू से निर्माण कार्य न कराकर अन्य एजेन्सी से निर्माण कार्य कराना चाहता है तो उसे लोनिवि एवं मुख्य सचिव से एनओसी लेनी होगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि जीएडी के निर्देशों के अनुसार, सभी विभागों को एक करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य पीआईयू सें कराना जरुरी है। 2 अगस्त के पहले से जिन विभागों ने अपने निर्माण कार्य अन्य एजेन्सी से कराने की स्वीकृति दे दी थी, उन पर ये निर्देश लागू नहीं होंगे। लेकिन अब नये निर्माण सिर्फ पीआईयू से ही कराने होंगे।