भोपाल: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव पूर्व मंत्री वह विधायक उमंग सिंगार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में आकर आदिवासी समाज के नायकों के नाम पर पूरे सप्ताह कार्यक्रम चलाने की बात कही. मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर आदिवासी समाज की देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को चिंता है तो आदिवासी समाज के हित में छठी अनुसूची को लागू क्यों नहीं करते. सिंघार ने कहा है कि भाजपा के नेता आदिवासी हित की बात तो करते हैं किंतु आदिवासी समाज के हित में योजनाएं एवं नियम बनाने में पीछे हट जाते हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से भाजपा के शासनकाल में आदिवासी समाज के लोगों को रोजगार तक नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ आदिवासी समाज के वोट लेने के लिए राजनीति करती है लेकिन आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास की बात आती है तो पल्ला झाड़ लेती है. पत्रकारों के सवाल के जवाब में सिंघार ने यह भी कहा कि पंजाब और उत्तर प्रदेश में चुनाव होना है इसलिए मोदी जी ने कृषि कानून वापस लेने की बात कही है ना कि किसानों के हित में यह निर्णय लिया गया है. चुनाव करीब आ गए हैं, इसलिए ताबड़तोड़ यह निर्णय लिया है. पिछले काफी समय से किसान जब सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे और किसानों की मौत हो रही थी तब देश के प्रधानमंत्री उनसे मिलने तक नहीं पहुंचे. इससे साफ जाहिर होता है कि देश के प्रधानमंत्री की मंशा चुनाव जीतने में ज्यादा कुछ नहीं है.