कोरोना के मोर्चे पर कभी राहत तो कभी चिंता का साया..

भोपाल: कोरोना के मामले में स्वास्थ्य महकमा फिर नया अभियान शुरू कर रहा है। आगामी 1 नवंबर से तीन नवंबर के बीच अमला घर घर जाकर दूसरा डोज नहीं लगाने वालों को वैक्सीन देगा। वहीं इंदौर, भोपाल, ग्वालियर में नये मरीज सामने आने के बाद सरकार चिंता में है क्योंकि त्योहारों के चलते बाजारों व सड़कों पर भीड़ है और लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने में चूक रहे हैं। चार दिन में भोपाल में दो दर्जन नये मरीज मिले हैं तो ग्वालियर में 22 दिन बाद दो नए मरीज सामने आए हैं।

लगातार आ रहे केस:

जहां तक राजधानी भोपाल की बात है तो कोरोना के 21 अक्टूबर से लेकर 27 अक्टूबर के बीच 38 मरीज मिले हैं। इनमें से सिर्फ दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है। 

एक मरीज को चिरायु मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था जहां दूसरे दिन ही उसकी मौत हो गई थी। दूसरे मरीज को एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। बाकी मरीज अपने घर में रहकर ही कोरोना का इलाज करा रहे हैं। 

कोरोना की दूसरी लहर में जब मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा थी तब करीब साठ फीसद मरीज होम आइसोलेशन में रहते थे। अब होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों का आंकड़ा 90 फीसद से ऊपर है। 

मगर चिंता की बात यह है कि इन 38 मरीजों में से 14 ने कोरोना से बचाव के टीके की एक भी डोज नहीं लगवाई। पांच ने सिर्फ पहली डोज लगवाई थी। 19 ने दोनों डोज लगवाई थी। यानी जितने संक्रमित हुए उनमें आधे का पूरी तरह से टीकाकरण हो चुका था। भोपाल में लगभग सभी लोगों को कोरोना से बचाव के टीके की पहली डोज लग चुकी है।

भोपाल में होगी पतारसी:

कुछ लोगों की लापरवाही के चलते इस लड़ाई को जीतने में समय लग रहा है। मसलन, भोपाल में 4 लाख 50 हजार अधिक लोग दूसरा टीका लगवाने नहीं आए। ऐसे लोगों के नामों की सूची संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और नगर निगम के वार्ड प्रभारी से लेकर अन्य जिम्मेदार अफसरों के पास है। 

अब इन साढ़े 4 लाख लोगों को ये जिम्मेदार एक नवंबर से तीन नवंबर तक तलाशेंगे और इन्हें दूसरा डोज लगवाएंगे अब तक शहर में 40 कोविड के एक्टिव मरीज हो गए हैं। चार दिन के भीतर भोपाल में 24 नए कोरोना के मरीज मिले हैं। सभी का इलाज चल रहा है। आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढ़ सकती है। 

कलेक्टर अविनाश लवानिया गुरुवार को कलेक्टोरेट में टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने और कोरोना की मॉनिटरिंग को पुख्ता करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम समेत अन्य विभागों के अफसरों को दिए हैं।