भोपाल। राज्य के जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी पर पुलिस ने धारा 363 के तहत अपहरण एवं धारा 368 के तहत अपहर्ता को छुपाने का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जिस पर उसे निलम्बित किया गया परन्तु अब उसे इस आधार पर बहाल कर दिया गया कि ये अपराध भ्रष्टाचार एवं नैतिक पतन के अंतर्गत नहीं आते हैं।

जल संसाधन विभाग के दतिया में पदस्थ सहायक वर्ग-3 कर्मचारी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के विरूद्ध थाना विवि जिला ग्वालियर ने धारा 363,368 भादवि के अंतर्गत केस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था और 6 अगस्त 2020 को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल ग्वालियर भेज दिया था। इस पर मुख्य अभियंता वि/यां जल संसाधन भोपाल ने 7 अगस्त 2020 को उसे  निलंबित कर दिया था।

सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार 1 वर्ष से अधिक समय तक निलंबित शासकीय सेवकों के मामलों की समीक्षा हेतु राज्य शासन द्वारा गठित समिति की बैठक 14 सितम्बर 2021 को संपन्न हुई। इसमें समिति द्वारा उक्त कर्मचारी के विरूद्ध पंजीबद्ध प्रकरण भ्रष्टाचार एवं नैतिक पतन की श्रेणी का नहीं होने के कारण उन्हें निलंबन से बहाल किये जाने की अनुशंसा की गई। इस पर अब उक्त कर्मचारी का निलंबन समाप्त कर, उसे बहाल कर दिया गया है और उसे कार्यालय मुख्य अभियंता गंगा कछार जल संसाधन रीवा में पदस्थ किया गया है।

 

डॉ नवीन जोशी