खांसी, सर्दी, जुकाम और हल्के बुखार को गंभीरता से लें। ऐसे लक्षण हैं तो तुरंत उनका आरटीपीसीआर टेस्ट कराएं। हमें नजर रखनी पड़ेगी कि कोई यह छुपाए नहीं। क्योंकि पिछली बार छुपने की वजह से ही विकट परिस्थिति बन गई थी: CM #MPFightsCorona pic.twitter.com/UutZxflFIU
— CMO Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) January 2, 2022
हम आर्थिक गतिविधियां नहीं रोक रहे। इससे गरीब की रोजी-रोटी जाती है। हम यह चलने देंगे। लेकिन लोगों की जिंदगी खतरे में न पड़े, यह कोशिश भी करनी है। मास्क जरूर लगाएं, भीड़ भरे आयोजन न हों, यथा संभव दूरी बनाए रखें, हाथ साफ़ करते रहें और वैक्सीनेशन अवश्य कराएं: CM
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इधर राज्य के स्वास्थ्य संचालक रवीन्द्र कुमार चौधरी ने सभी जिला कलेक्टरों को हिदायत जारी कर कहा है कि कोरोना वायरस के नये वैरिएन्ट ओमीक्रोन से निपटने के लिये बनाई रणनीति का ईमनदारी से पालन किया जाये ताकि तीसरी लहर न आ पाये।
उन्होंने अपनी हिदायत में कहा है कि वर्तमान में कोविड-19, भारत सहित दुनियाभर के देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों के लिये एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। भारत में कोविड-19 प्रकरणों में निरंतर गिरावट देखी जा रही है, लेकिन मप्र राज्य में कोविड-19 प्रकरण बढऩे की शुरूआती संकेतों की रिपोर्ट दर्ज कर रहा है। सार्स सीओवी-2 वायरस (कोविड-19) प्रजातियों में ओमीक्रोन को दृष्टिगत रखते हुये यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रदेश में समस्त कोविड-19 के पॉजिटिव प्रकरणों का व्होल जीनोम सीक्वेन्सिंग (डब्ल्युजीएस) कराया जाये।
स्वास्थ्य संचालक ने कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दर्शाए गए प्रमुख उपायों के साथ तीन-स्तरीय (टेस्ट, ट्रेकिंग व ट्रीट) निगरानी रणनीति को ईमानदारी से लागू किया जाए तथा डब्ल्युजीएस के परिणाम में पाये गये कोविड-19 वेरीएन्ट्स ऑफ कन्सन्र्स (वीओसीस) प्रकरणों की तत्काल ट्रेसिंग कर कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को रोके जाने हेतु उपरोक्तानुसार सर्विलेंस गतिविधियों का पालन कड़ाई से किया जाये।