सिंह ने लिखा कि मैं विगत एक माह से आपसे मिलने का समय चाह रहा हूँ. अभी तक आपने मिलने का समय नहीं दिया है.

उन्होंने लिखा है कि मैं अनेक पत्रों के माध्यम से दोनों बांधों के डूब में आने वाले किसानों की परेशानियाँ आपको लिख चुका हूं. इन पत्रों पर आपके द्वारा क्या कार्यवाही की गई है, आपके जबाब का आज तक इंतजार है. टेम और सुठालिया परियोजना में हजारों एकड़ जमीन डूब में आ रही है और अनेक गांव पूर्णतः एवं आंशिक रूप से डूब रहे हैं. डूब प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है. मैंने विगत माह डूब प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से चर्चा की थी. बातचीत में लोगों द्वारा सरकार की मुआवजा नीति सहित विस्थापन और पुनर्वास के बहुत कम पैकेज का विरोध किया जा रहा है. मैं दोनों परियोजना से प्रभावित होने जा रहे 15-15 किसानों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ कोविड प्रोटोकॉल के तहत् मिलना चाह रहा हूं.