यह गुस्ताखी विभाग में सबसे दागी अफसर रहे डीएफओ उत्पादन भारत सिंह बघेल ने की है. प्रमोटी आईएफएस भारत सिंह बघेल का अब तक का सर्विस ट्रेक रिकॉर्ड दागी ही रहा है. बालाघाट से लेकर शाजापुर तक के सफर में उन पर आरोप ही आरोप लगते रहें हैं. अभी तक उन्हें सजा भी नहीं मिली है.
प्रमोटी आईएफएस भारत सिंह बघेल द्वारा अपने मातहत कर्मचारियों का एसीआर नहीं लिखने को लेकर मुख्य वन संरक्षक उज्जैन कोमोलिका मोहंता ने प्रशासन-एक को एक पत्र लिखकर इस आशय की जानकारी दी. मुख्य वन संरक्षक उज्जैन श्रीमती ममता ने लिखा है कि तत्कालीन वन मंडल अधिकारी बीएस बघेल कार्यपालिक एवं लिपकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गोपनीय प्रतिवेदन समय-सीमा में नहीं भेजा है. सूत्रों की माने तो तत्कालीन शाजापुर डीएफओ बघेल ने मातहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों 3 साल से एसीआर नहीं लिखी है. शाजापुर की बहुचर्चित टीपी कांड के बाद बीएस बघेल का तबादला देवास उत्पादन डिपो में कर दिया गया है. हालांकि करोड़ों रुपए की हुई टीपी कांड में वन विभाग ने उन्हें चार्जसीट भी थमा दिया है. जांच मंथर गति से चल रहा है.
*शाजापुर से कई दस्तावेज भी ले गए हैं बघेल*
जब बहुचर्चित टीपी कांड के बाद बघेल का तबादला देवास उत्पादन वन मंडल में किया तब वह अपने साथ शाजापुर वन मंडल से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी ले गए हैं. शाजापुर कर्मचारियों की माने तो बघेल अपने साथ गड़बड़ियों से संबंधित बिल वाउचर के अलावा टीपी कांड से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी वनमंडल कार्यालय से गायब है.
* हवालात कभी सैर कर चुके हैं बघेल*
वर्ष 2003-04 में भारत सिंह बघेल की पोस्टिंग बालाघाट बन मंडल के लांजी वीडियो के रूप में हुई थी. तब कालीन कलेक्टर ने बघेल को 'काम के बदले अनाज योजना' के अंतर्गत प्रभारी बनाया था. पुलिस ने दो ट्रक अनाज पकड़ा था. इस ट्रक में काम के बदले अनाज योजना का अन्न जिसे मार्केट में बेचे जाने की तैयारी थी. इस गड़बड़ी में बालाघाट कलेक्टर ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई. इस एफआईआर मैं तत्कालीन एसडीओ लांजी भारत सिंह बघेल का भी नाम शामिल था. इसी मामले में पुलिस ने उन्हें हवालात का सैर भी कराया था. 19 साल बाद भी इस मामले की जांच अभी भी चल रही है.