प्रमुख सचिव के आदेश पर बदल दिये खाते

भोपाल। मप्र खनिज विभाग का प्राइवेट बैंक के प्रति प्रेम अब जिलों में देखने को मिल रहा है। विभाग प्रमुख ने जिला खनिज अधिकारियों को प्राइवेट बैंक में डीएमएफ के खाते खुलवाने के आदेश दिये है। इसको लेकर जिलों में पदस्थ खनिज अधिकारियों से फीडबैक भी लिया जा रहा हैं। खनिज विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के फरमान के बाद शहडोल उमरिया, अनूपपुर सहित लगभग अधिकांश जिलों में डिस्ट्रिक मिनरल फंड (डीएमएफ) के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पूर्व से संचालित खातों को बंद कर आईसीआईसीआई बैंक में नये खाते खुलवाये गये हैं। इसके पीछे क्या वजह है इसके बारे में कोई भी अधिकारी बोलने से बच रहा है। बताया जा रहा है कि प्राइवेट बैंक में डीएमएफ के खाते खुलवाने में प्रमुख सचिव की खास रुचि है। ताजुब की बात तो यह है इसकी जानकारी विभागीय मंत्री तक को नहीं दी गई। 

वित्त विभाग से नहीं ली अनुमति

शासकीय खाते निजी बैंक में खुलवाने से पूर्व वित्त विभाग से अनुमति लेनी होती है। इसके लिए आयुक्त संस्थागत वित्त अनुमति देते हैं, लेकिन न तो वित्त विभाग को काेई सूचना दी गई और न ही अनुमति के लिए कोई पत्र व्यवहार किया। प्राइवेट बैंक के लुभावनी सुविधाओं को देखकर खाते बदलवा दिये। 

बैंक अफसर जिलों में बना रहे दबाव

आईसीआईसीआई बैंक के अफसर जिलों में खनिज अधिकारियों से मिलकर उन पर खाता खुलवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। एक जिला खनिज अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्राइवेट बैंक के अफसर पिछले कई दिनों से खनिज मुख्यालय के अफसरों का हवाला देकर डीएमएफ के खाते उनके बैंक में खुलवाने का दबाव बना रहे हैं। वहीं मुख्यालय से भी प्राइवेट बैंक में खाते खुलवने के लिए मौखिक आदेश मिला हैं। 

 

इनका कहना है

डीएमएफ के बैंक खाते प्राइवेट बैंक खुलवाने की मुझे कोई सूचना नहीं मिली है। अगर ऐसा हो रहा है तो मैं इसे दिखवाता हूं। 

ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, मंत्री खनिज साधन विभाग